दुग्ध पान कराने वाली महिलाएं:- इस अवस्था में अपने साथ-साथ शिशु का भी ध्यान रखना होता है। खाना नहीं खाने पर शरीर में कमजोरी के कारण आप परेशानी में पड़ सकती हैं।
गंभीर बीमारी से ग्रस्त महिलाएं:- जिन महिलाओं को शुगर, अल्सर, किडनी की बीमारी, कैंसर, एनीमिया है या किसी प्रकार की सर्जरी हुई है तो ऐसी परिस्थिति से गुजर रही महिलाओं को भी करवा चौथ का व्रत नहीं रखना चाहिए क्योंकि व्रत रखने से उनकी सेहत पर विपरीत प्रभाव हो सकता है।
कुंवारी लड़कियां:- कुंवारी लड़कियों को यह व्रत इसलिए नहीं रखना चाहिए क्योंकि अभी उनका विवाह नहीं हुआ है और यह व्रत पति की लंबी आयु के लिए रखा जाता है। इसी के साथ ही चांद एवं पति का चेहरा देखकर व्रत खोलने की परंपरा है। पति ही व्रत का पारायण करवाता है।
मासिक धर्म:- मासिक धर्म होने पर व्रत किया जा सकता है परंतु पूजा-पाठ नहीं किया जा सकता। ऐसी परिस्थिति में आप अपनी तरफ से किसी और से पूजा करने का कह सकती हैं लेकिन आप पूजा सामग्री को स्पर्श न करें, इस बात का ध्यान रखना चाहिए।
व्रत में अविश्वास की भावना:- किसी भी चीज में अविश्वास होने पर उसे नहीं करना चाहिए। कई बार किसी की देखा देखी कई लोग काम कर लेते हैं और बाद में वे बस अनमने मन से उसे करते रहते हैं। यदि आप भी बिना मन से व्रत करते हैं तो ऐसे व्रत का कोई महत्व नहीं रहता है। अच्छे और साफ मन से व्रत रखें।
उपरोक्त सभी बातों को ध्यान में रखकर व्रत करेंगे तो करवा माता और मां पार्वती का आपको आशीर्वाद मिलेगा।