Hariyali Teej 2025: आज हरियाली तीज का त्योहार मनाया जा रहा है। श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाई जाने वाली हरियाली तीज सुहागन स्त्रियों का प्रमुख पर्व है। यह पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के पुनर्मिलन का प्रतीक है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने कई जन्मों तक कठोर तप कर भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। अतः इस दिन उनके व्रत और पूजन से स्त्रियों को अखंड सौभाग्य और वैवाहिक सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन कुछ विशेष कार्य करने से पुण्य की प्राप्ति होती है, वहीं कुछ कार्य अशुभ माने जाते हैं।
हरियाली तीज पर करें ये 7 शुभ कार्य
1. शिव-पार्वती की पूजा करें
हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान होता है। इस दिन सुहागन महिलाएं शिव-पार्वती की मिट्टी की मूर्ति बनाकर पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा और सुहाग सामग्री से पूजन करती हैं।
2. हरियाली तीज का व्रत रखें और संकल्प लें
सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्यवती पाने के लिए हरियाली तीज का व्रत रखा जाता है। हरियाली तीज का व्रत बहुत कठिन होता है। महिलाएं पूरे दिन संकल्पपूर्वक यह व्रत करती हैं और रात्रि में कथा सुनने के बाद पारण करती हैं।
3. हरे वस्त्र और मेहंदी धारण करें
हरियाली तीज पर हरे रंग का विशेष महत्व होता है। हरियाली तीज के दिन हरे वस्त्र, चूड़ियां, बिंदी और मेहंदी धारण करना सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
4. तीज माता की कथा सुनें
हरियाली तीज पर मां पार्वती की पूजा और कथा सुनने के विशेष महत्व होता है। तीज की व्रत कथा में माता पार्वती के 108 जन्मों की तपस्या का वर्णन है, जिसे सुनने से व्रत पूर्ण होता है।
5. सुहाग सामग्री का दान करें
हरियाली तीज पर व्रत रखने और पूजा करने के साथ-साथ इस दिन सुहाग की चीजों का दान करने का विशेष महत्व होता है। इस दिन बिंदी, चूड़ियां, काजल, कुमकुम, वस्त्र आदि सुहाग सामग्रियां सुहागिनों को दान देने से पुण्य की प्राप्ति होती है।
6. झूला झूलें और लोकगीत गायें
इस दिन झूला झूलने और लोकगीत गाने की परंपरा है। इससे वातावरण आनंदमय बनता है और मन प्रसन्न रहता है।
7. पति के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें
पति को भगवान स्वरूप मानकर उनके चरण स्पर्श करने से वैवाहिक जीवन में प्रेम, सम्मान और सौहार्द बढ़ता है।
हरियाली तीज पर न करें ये 3 कार्य
1. सौंदर्य या शरीर पर कटाक्ष न करें
इस दिन नकारात्मकता से दूर रहना चाहिए। किसी के रूप, रंग या शरीर पर टिप्पणी करना या उपहास करना वर्जित माना गया है।
2. क्रोध, झगड़ा या कटु भाषा का प्रयोग न करें
इस दिन मन, वाणी और व्यवहार में मधुरता होनी चाहिए। किसी से झगड़ा या रूखा व्यवहार व्रत की पवित्रता को भंग करता है।
3. काले या सफेद वस्त्र न पहनें
तीज के दिन हरा रंग सौभाग्य का प्रतीक होता है। काले और सफेद रंग को अशुभ मानकर इससे बचना चाहिए।