सावन माह में शिव आराधना का महत्व
- फोटो : adobe stock
Sawan 2025: शिव पुराण में वर्णित है कि महादेव को अर्पित किए जाने वाले द्रव्यों के लाभ भी अलग-अलग होते हैं। मन में विवाह की इच्छा है तो दूध, बेलपत्र, गंगाजल, शमीपत्र, नारियल पानी, भांग, खोये की मिठाई और गुलाबी रंग के गुलाल से शिवलिंग का अभिषेक करें। चंदन मिश्रित जल चढ़ाने से व्यक्तित्व आकर्षक बनता है। कुशाग्र बुद्धि चाहिए तो छात्र-छात्राएं शर्करा मिश्रित दुग्ध की धारा चढ़ाएं। दूध से अभिषेक करने पर उत्तम संतान की प्राप्ति, जल से सुख-सौभाग्य में वृद्धि, गन्ने के रस से यश, शहद से ऋणमुक्ति, कुश के जल से रोगमुक्ति, पंचामृत से अष्टलक्ष्मी एवं तीर्थों के जल से मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा जल से अभिषेक करने पर भोग और मोक्ष, दोनों की प्राप्ति होती है। भांग चढ़ाने से बुराइयां और मन के विकार दूर होते हैं।
पुष्प से अभिलाषा
शास्त्रों के अनुसार भोलेनाथ की पूजा में चढ़ने वाले फूलों के भी अलग-अलग महत्व हैं। चमेली के फूल चढ़ाने से वाहन की प्राप्ति होती है। अलसी के फूलों से महादेव का पूजन करने वाला व्यक्ति भगवान विष्णु को प्रिय होता है। शमी पत्रों से पूजन करके मनुष्य मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। मदार पुष्प अर्पित करने से नेत्र और हृदय विकार दूर होते हैं और धतूरे से विषैले जीवों से खतरा नहीं रहता। बेला के फूल चढ़ाने से मनचाहा वर/वधू मिलते हैं। जूही के फूलों से पूजा की जाए तो घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती। कनेर के पुष्प से सुंदर वस्त्र की प्राप्ति और हरसिंगार के फूलों से पूजा करने पर सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। राई के फूल चढ़ाने पर शत्रु परास्त होते हैं और बेल पत्र चढ़ाने से मनुष्य अपनी सारी काम्य वस्तुएं प्राप्त कर लेता है।
Sawan 2025: इस सावन जरूर करें ये तीन खास उपाय, कर्ज और पापों से मिलेगी मुक्ति
वास्तुदोष निवारण
भगवान शिव ऐसे देव हैं, जिनकी पूजा-आराधना से वास्तु दोषों का शमन होता है। जिन भवनों में वास्तुदोष हो, वहां सुख-शांति के लिए शिवलिंग पर अभिषेक करने के बाद जलहरी के जल को घर लाकर उससे ‘ॐ नमः शिवाय करालं महाकाल कालं कृपालं ॐ नमः शिवाय’मंत्र जपते हुए पूरे भवन में छिड़काव करना चाहिए। ऐसा करने से वहां उपस्थित सभी नकारात्मक शक्तियां दूर हो जाती हैं। कार्य में विघ्न-बाधा, आपसी कलह, रोग आदि परेशानियों को दूर करने के लिए घर के उत्तर-पूर्व (ईशान) या ब्रह्म स्थान में रुद्राभिषेक करना शुभ परिणाम देता है। घर-परिवार पर भगवान शिव की कृपा बनी रहे और धन का आगमन हो, इसके लिए घर की पूर्व या उत्तर-पश्चिम (वायव्य) दिशा में बिल्व का पेड़ लगाएं। शाम के समय इसके नीचे घी का दीपक जलाएं।