फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Happy Onam 2022 : क्यों मनाया जाता है ओणम का त्योहार? जानिए धार्मिक महत्व और शुभ मुहूर्त

Thu, 08 Sep 2022 06:56 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ओणम के त्योहार पर राजा बलि अपनी प्रजा से मिलने पृथ्वी पर आते हैं।
विज्ञापन
onam 2022: मलयालम सौर कैलेंडर के अनुसार ओणम का त्योहर चिंगम माह में शिरुवोणम नक्षत्र में माना जाता है। - फोटो : pixabay
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Happy Onam 2022 : 10 दिनों तक चलने वाला ओणम पर्व दक्षिण भारत का प्रमुख त्योहार होता है। केरल राज्य में ओणम को विशेष रूप से मनाया जाता है। इस बार ओणम का त्योहार 08 सितंबर को मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार ओणम का त्योहार भाद्रपद और आश्विन माह में मनाया जाता है। मलयालम सौर कैलेंडर के अनुसार ओणम का त्योहर चिंगम माह में शिरुवोणम नक्षत्र में माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार इसे श्रावण नक्षत्र कहते हैं।

विज्ञापन


ओणम 2022 तिथि और शुभ मुहूर्त
मलयालम कैलेंडर के अनुसार थिरुवोणम नक्षत्र 7 सितंबर 2022 को शाम के 4 बजे से आरंभ हो जाएगा जो 8 सितंबर को दोपहर 01 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। मलयालम में श्रावन नक्षत्र को थिरु ओनम के नाम से जाना जाता है। मलयालम कैलेंडर के अनुसार चिंगम माह में थिरुवोणम नक्षत्र जिसे हिंदू पंचांग में श्रावण नक्षत्र कहते हैं प्रबल होने पर थिरु ओणम की पूजा की जाती है।

ओणम पर्व का महत्व 
दक्षिण भारत में विशेष रूप से केरल में ओणम का त्योहार राजा बलि के सालभर में एक बार थिरुवोणम नक्षत्र के दौरान अपनी प्रजा से मिलने के लिए पाताल लोक से पृथ्वी पर आने का उत्सव है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार तीनों लोकों पर राजा बलि का राज था। महाबलि अपनी प्रजा से विशेष लगाव था। उनके राज में प्रजा बहुत खुश थी। राजा बलि ने अपने बल और पराक्रम से सभी देवताओं को युद्ध में हराकर देव लोक सहित तीन लोक पर आधिपत्य हासिल कर लिया था। तब भगवान विष्णु ने वामन अवतार लेकर महा दानी और महाबली राजा बलि से तीन पग भूमि का वचन लेते हुए तीनों लोकों को तीन पग में नाप लिया था। भगवान विष्णु राजा बलि से प्रसन्न होकर उन्हें पाताल लोक का स्वामी बना दिया था। ऐसी मान्यता है कि ओणम के दिन राजा बलि अपनी प्रजा से मिलने पृथ्वी लोक पर आते हैं और नगर-नगर का भ्रमण करते हैं। पृथ्वी लोक के वासी अपने राजा का स्वागत करने के लिए अपने घरों की साज सज्जा करते हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें