Gupt Navratri Mein Kya Karein Kya Na Karein
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गुप्त नवरात्रि में क्या करें
- गुप्त नवरात्रि में दुर्गा माता की 10 महाविद्याओं जैसे मां काली, तारा, त्रिपुरसुंदरी आदि की साधना की जाती है। यह साधना शक्तिशाली और रौद्र स्वरूप की होती है, इसलिए बिना गुरु के इसे करने से बचना चाहिए।
- जो व्यक्ति तंत्र और मंत्र की विधियों को अच्छी तरह समझते हैं और सांसारिक इच्छाओं से ऊपर हैं, वे इस समय विशेष साधना कर शुभ फल पा सकते हैं।
- गृहस्थ व्यक्ति इस दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें, योग का अभ्यास करें और नियमित मंत्र जाप करें ताकि माता की कृपा बनी रहे।
- इस नौ दिनों में शुद्ध और सात्विक भोजन करें। मांसाहार, शराब और तामसिक भोजन से दूर रहें, क्योंकि ये साधना में बाधा डालते हैं।
- दुर्गासप्तशती, दुर्गा चालीसा, अर्गला स्तोत्र जैसे ग्रंथों का नियमित पाठ करें, इससे मानसिक शांति और साधना में शक्ति मिलती है।
- राहु, केतु और शनि के नकारात्मक प्रभाव दूर करने के लिए गुप्त नवरात्रि का समय श्रेष्ठ माना जाता है। इन ग्रहों की शांति हेतु विशेष पाठ और हवन करें।
- माता को प्रसन्न करने के लिए दीपदान करें। साथ ही पवित्र नदियों या जल स्रोतों में स्नान और ध्यान करना भी लाभकारी होता है।
- गुप्त नवरात्रि में छोटी कन्याओं को उपहार या भोजन देकर देवी का आशीर्वाद प्राप्त करें। यह विधि अत्यंत शुभ मानी जाती है।
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गुप्त नवरात्रि में क्या न करें
- गुप्त नवरात्रि के दौरान शरीर और मन को शुद्ध रखना अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी लोगों को कामवासना से दूर रहना चाहिए। वासनात्मक विचार मन पर हावी न हों, इसके लिए नियमित योग और ध्यान का अभ्यास करें।
- कुछ लोग बिना सही ज्ञान और मार्गदर्शन के गुप्त नवरात्रि में तांत्रिक क्रियाएँ करने लगते हैं, जो खतरनाक हो सकती हैं। इसलिए तांत्रिक साधना केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही करें।
- गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों के दौरान बाल और नाखून काटना अशुभ माना जाता है, इसलिए इस अवधि में इससे बचें।
- इस पवित्र समय में किसी भी स्त्री का अपमान या आलोचना न करें। यह न केवल देवी की नाराजगी का कारण बन सकता है, बल्कि घर में अशांति भी फैलाता है।
- इस दौरान परिवार में शांति बनाए रखें, लड़ाई-झगड़ा और विवादों से दूर रहें ताकि सकारात्मक ऊर्जा बनी रहे।
- नकारात्मक और द्वेषपूर्ण सोच से बचें, क्योंकि इससे साधना का प्रभाव कम हो सकता है।
- यदि आप माता की पूजा या मंत्र जाप कर रहे हैं तो भोजन में मांसाहार, प्याज, लहसुन, शराब आदि से बचना जरूरी है। यह साधना में बाधक होते हैं और देवी को प्रसन्न नहीं करते।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।