गंगा दशहरा का पर्व हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन मां गंगा का पृथ्वी पर अवतरण हुआ था, इसलिए इसे अत्यंत पवित्र और पुण्यदायक दिन माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, गंगा दशहरा के दिन किए गए उपाय विशेष फलदायक होते हैं। आइए जानते हैं ऐसे सात अचूक उपाय, जिनसे सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और मोक्ष का मार्ग भी प्रशस्त होता है।
1. गंगा जल का छिड़काव करें घर में
गंगा दशहरा के दिन घर के हर कोने में गंगाजल का छिड़काव करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण शुद्ध होता है। माना जाता है कि गंगाजल के प्रभाव से घर में लक्ष्मी स्थिर होती हैं।
2. गंगा स्नान और दान
यदि संभव हो तो इस दिन गंगा नदी में स्नान करें। स्नान के बाद तिल, घी, अन्न, वस्त्र और पंखा आदि का दान करें। इससे पितृ दोष और पापों का नाश होता है। यदि गंगा में स्नान न हो सके तो स्नान के बाद गंगाजल के छींटे लगाएं ।
3. शिवलिंग पर गंगाजल चढ़ाएं
इस दिन गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक करें। ऐसा करने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और मानसिक शांति मिलती है। यह उपाय विशेष रूप से संतान प्राप्ति और रोग मुक्ति के लिए फलदायक माना गया है।
4. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप
गंगा दशहरा पर ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें। इससे आत्मशुद्धि होती है और चित्त में सकारात्मकता आती है। यह उपाय मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग भी खोलता है।
5. गरीबों को पंखा या शीतल पेय का दान करें
गर्मी के मौसम में गंगा दशहरा के दिन ठंडी चीजों का दान करना बहुत पुण्यदायक होता है। आप पंखा, जल से भरे घड़े, छाछ, शरबत, या आम का पना दान कर सकते हैं। इससे घर में अन्न व धन की कभी कमी नहीं होती।
6. पीपल के वृक्ष के नीचे दीपक जलाएं
गंगा दशहरा की संध्या को पीपल के पेड़ के नीचे तिल के तेल का दीपक जलाकर भगवान विष्णु और मां गंगा का ध्यान करें। इससे वंश वृद्धि, संपत्ति और दीर्घायु का आशीर्वाद मिलता है।
7. दस प्रकार के पापों का प्रायश्चित करें
मन, वाणी और शरीर से किए गए पापों का स्मरण कर पश्चाताप करें और गंगा माता से क्षमा याचना करें। यह आत्मा की शुद्धि और मोक्ष के मार्ग को प्रशस्त करता है।