फाल्गुन अमावस्या का महत्व
सनातन धर्म में फाल्गुन अमावस्या का काफी पवित्र होता है। इस तिथि पर श्राद्ध कर्म करने का बहुत अधिक महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन देवतागण के साथ पितरगण पवित्र नदियों के तट पर वास करते हैं,इसलिए इस दिन नदियों में स्नान करना काफी शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किसी भी पवित्र नदी में स्नान करने से सभी तरह के पाप कट जाते हैं। आइए जानते हैं अमावस्या तिथि का महत्व और खास-खास बातें...
- शास्त्रों में कहा गया है कि इस दिन सभी पवित्र नदियों और पतितपाविनी माँ गंगा के जल में भगवान विष्णु का वास होता है।इस दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेघ यज्ञ करने के समान फल मिलता समान है।
- इस दिन सुबह जल्दी उठकर सूर्योदय से पूर्व स्नान आदि करना चाहिए,गंगा जल ग्रहण करना चाहिए।
- अमावस्या के दिन व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान,जप व पीपल की पूजा अवश्य करनी चाहिए,ऐसा करने से मनुष्य के कष्ट दूर होते हैं लक्ष्मीजी की कृपा बनी रहती है।
- पितरों को प्रसन्न करने के लिए अमावस्या बहुत श्रेष्ठ मानी गई है। इस दिन पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए ब्राह्मणों को घर बुलाएं और आदर के साथ उन्हें भोजन कराएं और दक्षिणा देकर उन्हें विदा करें। इस दिन गाय, कुत्ते,चींटी और कौए को भोजन अवश्य कराना चाहिए,ऐसा करने से पितृ प्रसन्न होंगे।
- इस दिन संध्याकाल में घर के ईशान कोण में पूजा वाले स्थान पर गाय के घी का दीपक जलाएं। ऐसा करने से आपको सभी सुखों की प्राप्ति होगी।
- यदि आप घर में अपने पूर्वजों की तस्वीर लगाना चाहते हैं तो अमावस्या का दिन इस कार्य के लिए उत्तम है। इस दिन आप अपने घर में पितरों की पूजा करके इनकी फोटो को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा की तरफ लगाएं।
फाल्गुन अमावस्या पर क्या करें
इस दिन सुबह किसी पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए अगर ऐसा संभव नहीं हो तो घर में ही साफ जल से स्नान करना चाहिए। दान-पुण्य करना चाहिए,ऐसा करने से पितर खुश होते हैं। अगर आर्थिक समस्याएं चल रही हैं तो इस दिन भगवान शिव को खीर का भोग लगाएं। ऐसा करने से ये समस्याएं दूर हो जाएंगी। माता-पिता और बड़े बुजुर्गों का सम्मान करें। गरीबों की मदद करें।