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Dussehra 2024: दशहरा पर कितने दीपक जलाएं? जान लें सही नियम, दिशा और समय

Sat, 12 Oct 2024 09:55 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 दशहरा उत्सव मुख्य रूप से रावण पर भगवान श्री राम की जीत का जश्न मनाने के लिए मनाया जाता है, जो बुराई पर अच्छाई की जीत का भी प्रतीक है। शास्त्रों में दशहरा पर दीपक जलाने के नियम बताए गए हैं।
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dussehra 2024 - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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VijayaDashami 2024 : आज यानि 12 अक्तूबर को देशभर में दशहरा बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा  है।  हिंदू धर्म में विजयादशमी पर्व का बहुत महत्व है। इस दिन भगवान राम की पूजा की जाती है और रावण का दहन किया जाता है। यह पर्व  बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। दशहरा पर बहुत से लोग दीपक जलाते हैं। शास्त्रों में दशहरा पर दीपक जलाने के नियम बताए गए हैं। आज हम आपको बताएंगे कि दशहरे पर कब, कैसे और कितने दीपक जलाने चाहिए। आइए जानते हैं सब कुछ 

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कितने दीपक जलाएं?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दशहरे पर सभी दिशाओं में दीपक लगाने चाहिए। आओ घर में 10 दीये जला सकते हैं।  ध्यान रहे यह दीये सरसों के तेल के ही  होने चाहिए।   साथ ही हिंदू धर्म के पूजनीय पौधों जैसे तुलसी, पीपल, शमी, बरगद और केले के पेड़ पर  5 दीपक जलाएं। दशहरा पर भगवान राम की भी पूजा की जाती है।  उनके लिए घर पर एक घी का दीपक भी जलाना चाहिए।

दीपक किस दिशा में रखना चाहिए?
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दशहरा पर पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण के अलावा ईशान (उत्तर-पूर्व), आग्नेय (दक्षिण-पूर्व), पश्चिम-उत्तर (वायव्य कोण ) और दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य कोण) दिशाएं भी होती हैं। ऊर्ध्व  (ऊपर की ओर) दिशा में दीपक जलाने से सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
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किस समय दीपक जलाना चाहिए?
दशहरे पर दीपक जलाने का समय बहुत महत्वपूर्ण है। आपको सुबह-शाम भगवान राम के लिए घी का दीपक जलाना चाहिए। इसके अलावा आप शाम के समय शेष  दीपक जला सकते हैं। शाम का समय अनुकूल माना गया है।

करें श्रीराम के इस मंत्र का जाप

सर्वार्थसिद्धि श्री राम ध्यान मंत्र

ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम,

लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम !

श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः !
 

दशहरा रावण दहन शुभ मुहूर्त 
वैदिक परंपरा के अनुसार विजयादशमी पर रावण दहन प्रदोष काल ( सूर्यास्त के बाद का समय) में करना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसे में 12 अक्तूबर को रावण दहन के लिए शुभ मुहूर्त का समय शाम 5 बजकर 52 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 26 तक रहेगा।

दशहरा शुभ योग 2024 
12 अक्तूबर को दशहरा पर सर्वार्थसिद्धि, रवियोग और श्रवण नक्षत्र बन रहा है। दशहरा पर इन तीन शुभ योग बनने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है। सर्वार्थसिद्धि योग सुबह 5 बजकर 25 मिनट से लेकर 13 अक्तूबर को सुबह 4 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। रवि योग सुबह सुबह 6 बजकर 20 मिनट से 13 अक्तूबर को सुबह 06 बजकर 21 तक रहेगा। 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है। 
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