Diwali 2023 Puja Vidhi: हर साल कार्तिक माह में अमावस्या तिथि पर दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। पूरे देश में यह पर्व बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल दीपों का यह पावन पर्व 12 नवंबर को है। इस दिन लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करके जीवन में सुख-समृद्धि आने की कामना करते हैं। दिवाली की रात घरों को दीयों और लाइटों से रोशन किया जाता है। हर तरफ दिवाली की धूम और जगमग करती बत्तियां दिखाई देती हैं। दिवाली पर सबसे ज्यादा महत्व लक्ष्मी पूजन का होता है। दिवाली की रात पूरा परिवार नए कपड़े पहन कर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करता है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि सदैव बनी रहती है और कभी भी धन की कमी नहीं होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं दिवाली पर लक्ष्मी पूजन विधि और महत्व...
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का मुहूर्त- 12 नवंबर 2023
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05 बजकर 40 मिनट से शाम 07 बजकर 36 मिनट तक।
अवधि: 01 घंटा 54 मिनट
प्रदोष काल- 05:29 से 08:07 तक
वृषभ काल- 05:40 से 07 :36 तक
दिवाली महानिशीथ काल पूजा मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 11:39 से 12:31 तक
अवधि- 52 मिनट
महानिशीथ काल- 11:39 से 12:31 तक
सिंह काल- 12:12 से 02:30 तक
दिवाली शुभ चौघड़िया पूजा मुहूर्त
अपराह्न मुहूर्त (शुभ)- 01:26 से 02:47 तक
सायंकाल मुहूर्त्त (शुभ, अमृत, चल)- 05:29 से 10:26 तक
रात्रि मुहूर्त (लाभ)- 01:44 से 03:23 तक
उषाकाल मुहूर्त्त (शुभ)- 05:02 से 06:41 तक
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का महत्व
दिवाली के दिन मुख्य रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणपति की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दिवाली की रात मां लक्ष्मा पृथ्वी पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। मां लक्ष्मी धन की देवी हैं और उनकी पूजा से धन तथा ऐश्वर्य मिलता है। वहीं भगवान गणपति को प्रथम पूजनीय माना जाता है। दिवाली के दिन गणपति के पूजन से मन और मस्तिष्क को शांति मिलती है और बुद्धि के देवता अपने भक्तों को सद्बुद्धि का वरदान देते हैं।