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Diwali 2023 Puja Vidhi: दिवाली की रात इस विधि से करें लक्ष्मी-गणेश पूजन, सुख-सौभाग्य की होगी प्राप्ति

Sun, 12 Nov 2023 09:53 AM IST
आशिकी पटेल धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

 Diwali 2023 Lakshmi Ganesh Puja Vidhi: दिवाली पर सबसे ज्यादा महत्व लक्ष्मी पूजन का होता है। दिवाली की रात पूरा परिवार नए कपड़े पहन कर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करता है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि सदैव बनी रहती है और कभी भी धन की कमी नहीं होती है।
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Diwali 2023: दिवाली पूजा-विधि - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Diwali 2023 Puja Vidhi: हर साल कार्तिक माह में अमावस्या तिथि पर दिवाली का त्योहार मनाया जाता है। पूरे देश में यह पर्व बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। इस साल दीपों का यह पावन पर्व 12 नवंबर को है। इस दिन लोग मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करके जीवन में सुख-समृद्धि आने की कामना करते हैं। दिवाली की रात घरों को दीयों और लाइटों से रोशन किया जाता है। हर तरफ दिवाली की धूम और जगमग करती बत्तियां दिखाई देती हैं। दिवाली पर सबसे ज्यादा महत्व लक्ष्मी पूजन का होता है। दिवाली की रात पूरा परिवार नए कपड़े पहन कर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करता है। मान्यता है कि इस दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि सदैव बनी रहती है और कभी भी धन की कमी नहीं होती है। ऐसे में चलिए जानते हैं दिवाली पर लक्ष्मी पूजन विधि और महत्व...

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दिवाली पूजा-विधि 2023 (Diwali Puja Vidhi 2023)

  • दिवाली पर मुख्य रूप से मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा की जाती है। ऐसे में पूजा के लिए सबसे पहले पूजा स्थान को साफ करें और एक चौकी पर लाल या पीले रंग का कपड़ा बिछाएं।
  • फिर इस चौकी पर बीच में मुट्ठी भर अनाज रखें। 
  • कलश को अनाज के बीच में रखें। 
  • कलश में पानी भरकर एक सुपारी, गेंदे का फूल, एक सिक्का और कुछ चावल के दाने डालें।
  • कलश पर 5 आम के पत्ते गोलाकार आकार में रखें। 
  • बीच में देवी लक्ष्मी की मूर्ति और कलश के दाहिनी ओर भगवान गणेश की मूर्ति रखें। 
  • एक छोटी-सी थाली में चावल के दानों का एक छोटा सा पहाड़ बनाएं, हल्दी से कमल का फूल बनाएं, कुछ सिक्के डालें और मूर्ति के सामने रखें दें। 
  • इसके बाद अपने व्यापार/लेखा पुस्तक और अन्य धन/व्यवसाय से संबंधित वस्तुओं को मूर्ति के सामने रखें। 
  • अब देवी लक्ष्मी और भगवान गणेश को तिलक करें और दीपक जलाएं। इसके साथ ही कलश पर भी तिलक लगाएं। 
  • अब भगवान गणेश और लक्ष्मी को फूल चढ़ाएं। इसके बाद पूजा के लिए अपनी हथेली में कुछ फूल रखें। 
  • अपनी आंखें बंद करें और दिवाली पूजा मंत्र का पाठ करें। 
  • हथेली में रखे फूल को भगवान गणेश और लक्ष्मी जी को चढ़ाएं। 
  • लक्ष्मी जी की मूर्ति लें और उसे पानी से स्नान कराएं और उसके बाद पंचामृत से स्नान कराएं। 
  • मूर्ति को फिर से पानी से स्नान कराकर, एक साफ कपड़े से पोछें और वापस रख दें। 
  • मूर्ति पर हल्दी, कुमकुम और चावल डालें। माला को देवी के गले में डालकर अगरबत्ती जलाएं। 
  • नारियल, सुपारी, पान का पत्ता माता को अर्पित करें। 
  • देवी की मूर्ति के सामने कुछ फूल और सिक्के रखें। 
  • थाली में दीया लें, पूजा की घंटी बजाएं और लक्ष्मी जी की आरती करें।

दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा का मुहूर्त- 12 नवंबर 2023
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05 बजकर 40 मिनट से शाम 07 बजकर 36 मिनट तक। 
अवधि: 01 घंटा 54 मिनट 
प्रदोष काल- 05:29 से 08:07 तक
वृषभ काल- 05:40 से 07 :36 तक

दिवाली महानिशीथ काल पूजा मुहूर्त
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त- 11:39 से 12:31 तक
अवधि- 52 मिनट
महानिशीथ काल- 11:39  से 12:31 तक
सिंह काल- 12:12 से 02:30 तक

दिवाली शुभ चौघड़िया पूजा मुहूर्त
अपराह्न मुहूर्त (शुभ)- 01:26 से 02:47 तक
सायंकाल मुहूर्त्त (शुभ, अमृत, चल)- 05:29 से 10:26 तक
रात्रि मुहूर्त (लाभ)- 01:44 से 03:23 तक
उषाकाल मुहूर्त्त (शुभ)- 05:02 से 06:41 तक


दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन का महत्व
दिवाली के दिन मुख्य रूप से माता लक्ष्मी और भगवान गणपति की पूजा की जाती है। मान्यता है कि दिवाली की रात मां लक्ष्मा पृथ्वी पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। मां लक्ष्मी धन की देवी हैं और उनकी पूजा से धन तथा ऐश्वर्य मिलता है। वहीं भगवान गणपति को प्रथम पूजनीय माना जाता है। दिवाली के दिन गणपति के पूजन से मन और मस्तिष्क को शांति मिलती है और बुद्धि के देवता अपने भक्तों को सद्बुद्धि का वरदान देते हैं।

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