हर साल कार्तिक महीने की अमावस्या को दिवाली का पर्व मनाया जाता है। इस बार दीपावली 7 नवंबर को है। दिवाली में धन की देवी माता लक्ष्मी और समृद्धि के देवता भगवान गणेश की पूजा होती है। दिवाली में लक्ष्मी गणेश पूजा के लिए बाजार से नई मूर्ति खरीदकर घर के मंदिर में स्थापित करते हैं। दिवाली में माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की कैसी मूर्ति खरीदना चाहिए इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए ताकि आपकी दिवाली शुभ हो और माता लक्ष्मी की कृपा आप के ऊपर हो। आइए जानते हैं बाजार से लक्ष्मी और गणेश की कैसी मूर्ति लाना चाहिए।
- दिवाली पर पूजा के लिए लक्ष्मी और गणेशजी की ऐसी मूर्ति नहीं खरीदनी चाहिए जिसमें दोनों आपस में जुड़ी हुईं हो। दोनों मूर्ति विग्रह स्वरूप में होनी चाहिए।
- गणपति की मूर्ति को चुनते समय उनकी सूंड बाएं हाथ की तरफ मुड़ी हुई होनी चाहिए। दाईं तरफ की सूंड शुभ नहीं मानी जाती। साथ ही सूंड में ज्यादा घुमाव भी नहीं होना चाहिए।
- गणेश जी की मूर्ति में उनके हाथों में मोदक जरूर होना चाहिए। ऐसी मूर्ति सुख और समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। इसके अलावा मूर्ति में उनका वाहन चूहा भी होना चाहिए।
- लक्ष्मी जी की ऐसी मूर्ति नहीं खरीदनी चाहिए जिसमें उल्लू पर वह बैठी हुईं हो।
- लक्ष्मी जी की मूर्ति का चुनाव करते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि माता कमल के फूल पर जरूर विराजमान हो। साथ ही एक हाथ से आशीर्वाद प्रदान करते हुए दिखें और दूसरे हाथ से धन वर्षा करते हुए।
- दिवाली पर लक्ष्मी गणेश पूजन में लक्ष्मी जी के ऐसी प्रतिमा या तस्वीर नहीं खरीदनी चाहिए जिसमें वह खड़ी हुई मुद्रा में हों।