आज धनतेरस है। यह दिवाली के 2 दिन पहले मनाया जाता है। धनतेरस पर नई चीजों की खरीदारी का विशेष महत्व होता है। ऐसी मान्यता है जो कोई भी धनतेरस के दिन खरीदारी करता है उसके घर पर सुख और समृद्धि आती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार धनतेरस पर सुबह 10 बजकर 44 मिनट से दोपहर 1 बजकर 24 मिनट तक है।
बर्तन खरीदने के लिए यह है शुभ समय
धनतेरस को दोपहर 1 बजकर 25 मिनट से शाम 6 बजकर 44 मिनट तक चर, लाभ और अमृत की चौघड़िया मुहूर्त में शुभ माना गया है। सबसे शुभ मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 44 मिनट से शाम 5 बजकर 24 मिनट तक लाभ और अमृत की चौघड़िया है। यह सबसे शुभ समय है। क्योंकि सोम अमृत जयंती योग और लाभ और अमृत की चौघड़िया में बर्तन खरीददारी करने से धर्म शास्त्र के अनुसार आयु, विद्या, यश और बल की प्राप्ति होने के साथ ही रोग का भी नाश होता है।
धनतेरस शुभ योग
धनतेरस का प्रारंभ 4 नवंबर रविवार रात 1 बजकर 25 मिनट से शुरू होकर 5 नवंबर सोमवार को रात 11 बजकर 47 मिनट पर समाप्त होगा। पांच नवंबर सोमवार को सुबह छह बजकर 44 मिनट पर सूर्योदय होगा। सूर्योदय के समय से लेकर रात 11 बजकर 47 मिनट तक धनतेरस रहेगा। इस बार धनतेरस पर सोम अमृत जयंती योग बन रहा है। ऐसा संयोग 18 वर्षों के बाद बना है। सोम प्रदोष हस्त नक्षत्र कन्या राशि में चंद्रमा त्रयोदशी तिथि में भद्रा न हो तो सोमअमृत जयंती योग बनता है।
आज भूलकर भी न खरीदें ये सामान
शीशे का सामान
धनतेरस के दिन भूलकर भी शीशे का सामान न खरीदें। माना जाता है कि शीशे का संबंध सीधा राहु से होता है जो कि नीच ग्रह माना जाता हैं। यही वजह है कि इस दिन कांच का सामान खरीदना शुभ नहीं माना जाता।
एल्युमिनियम के बर्तन
धनतेरस पर एल्युमिनियम का बर्तन भी खरीदना वर्जित है। इसका संबंध भी राहु से होता है इसलिए इसको शुभ नहीं माना जाता है। यही कारण कि एल्युमिनियम का प्रयोग पूजा-पाठ में नहीं किया जाता है।
काले रंग की चीज
धनतेरस के दिन काले रंग की चीजों को घर लाने से बचना चाहिए। धनतेरस बहुत शुभ दिन माना जाता है जबकि काला रंग हमेशा से दुर्भाग्य का प्रतीक माना गया है इसलिए धनतेरस पर काले रंग की चीजें खरीदने से बचना चाहिए।
नकली सोना
धनतेरस के दिन लोग ज्यादातर सोने से बनी चीजों की ही खरीदारी करते हैं लेकिन इस दिन इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि इस दिन गलती से भी नकली ज्वैलरी घर में नहीं लाने चाहिए।