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धनतेरस के दिन घर में स्थापित करें इन 3 में से कोई एक यंत्र, करियर और आर्थिक स्थिति में हो सकता है सुधार

Fri, 06 Nov 2026 07:18 AM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

धनतेरस 2026 पर श्री यंत्र, गणेश यंत्र या कुबेर यंत्र में से कौन सा स्थापित करना शुभ है? जानें स्थापना की सही दिशा, मंत्र और धार्मिक महत्व।
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dhanteras stahpit yantra - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Dhanteras 2026 Yantra: धनतेरस का त्योहार हिंदू धर्म में बेहद शुभ और महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन से पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर माता लक्ष्मी, भगवान गणेश, कुबेर देव और भगवान धन्वंतरि की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस दिन सोने-चांदी के आभूषणों और बर्तनों की खरीदारी करना भी शुभ माना जाता है। हालांकि, खरीदारी के साथ कुछ विशेष यंत्रों को घर में स्थापित करने की परंपरा भी है। इस साल धनतेरस का पर्व 6 नवंबर 2026, शुक्रवार को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन श्री यंत्र, गणेश यंत्र और कुबेर यंत्र में से किसी एक को घर में स्थापित करना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन यंत्रों की नियमित पूजा करने से आर्थिक परेशानियां दूर करने, करियर में तरक्की और जीवन में सकारात्मकता लाने की कामना की जाती है। आइए जानते हैं इन तीनों यंत्रों का महत्व और इन्हें स्थापित करने का सही तरीका।

 श्री यंत्र: आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि के लिए

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श्री यंत्र का संबंध माता लक्ष्मी से माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसकी पूजा करने से घर में धन-धान्य, सुख और समृद्धि बनी रहती है। धनतेरस के दिन आप तांबे, चांदी या स्फटिक से बना श्री यंत्र खरीद सकते हैं।

  • स्थापना की दिशा: घर के मंदिर या उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में स्थापित करें।
  • स्थापना का समय: शाम को प्रदोष काल में माता लक्ष्मी की पूजा के बाद इसे स्थापित कर सकते हैं।
  • मंत्र: 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का कम से कम 11 बार जाप करें।
  • मान्यता है कि श्री यंत्र की नियमित पूजा से आर्थिक स्थिति मजबूत करने और करियर में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त करने की कामना की जाती है।

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गणेश यंत्र: करियर की बाधाएं दूर करने के लिए
भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और बुद्धि के देवता माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत उनकी पूजा से की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणेश यंत्र घर में स्थापित करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कार्यों में सफलता की कामना पूरी होती है।

  • स्थापना की जगह: घर के पूजा स्थल या मुख्य द्वार के पास स्थापित कर सकते हैं।
  • स्थापना का समय: धनतेरस पर सूर्यास्त के बाद पूजा के दौरान इसे स्थापित करना शुभ माना जाता है।
  • मंत्र: 'ॐ गं गणपतये नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • मान्यता है कि गणेश यंत्र की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही नौकरी और कारोबार से जुड़ी परेशानियों को दूर करने तथा बुद्धि और निर्णय क्षमता बेहतर होने की कामना की जाती है।

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कुबेर यंत्र: धन और संपन्नता के लिए

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भगवान कुबेर को धन का देवता और देवताओं का कोषाध्यक्ष कहा जाता है। धनतेरस पर कुबेर देव की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस दिन घर में कुबेर यंत्र स्थापित करना भी शुभ माना जाता है।

  • स्थापना की दिशा: घर की उत्तर दिशा में कुबेर यंत्र स्थापित कर सकते हैं।
  • स्थापना की जगह: पूजा स्थल या घर की तिजोरी में इसे रखना शुभ माना जाता है।
  • पूजा का तरीका: यंत्र को साफ स्थान पर रखकर दीपक जलाएं और कुबेर देव का ध्यान करें।
  • धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुबेर यंत्र की नियमित पूजा करने से धन-संपत्ति में वृद्धि, आर्थिक स्थिरता और कारोबार में तरक्की की कामना की जाती है। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी इसे शुभ माना जाता है।

धनतेरस पर यंत्र स्थापित करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • यंत्र को हमेशा साफ और पवित्र स्थान पर स्थापित करें।
  • पूजा के दौरान दीपक जलाएं और अपनी श्रद्धा के अनुसार मंत्रों का जाप करें।
  • जरूरी नहीं कि आप तीनों यंत्र घर में रखें।
  • अपनी आस्था और आवश्यकता के अनुसार इनमें से किसी एक यंत्र को भी स्थापित कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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