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Dev Uthani Ekadashi 2022: आज देवउठनी एकादशी पर क्या करें क्या नहीं, जानें व्रत से जुड़े सभी नियम

Fri, 04 Nov 2022 12:45 AM IST
आशिकी पटेल ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Dev Uthani Ekadashi 2022 Vrat Niyam: देवउठनी एकादशी सभी 24 एकादशी में सबसे शुभ और मंगलकारी मानी जाती है। इस एकादशी को देवोत्थान एकादशी, देव प्रबोधिनी एकादशी और डिठवन एकादशी के नाम भी जाना जाता है। 
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देवउठनी एकादशी पर क्या करें क्या नहीं? जानें व्रत से जुड़े सारे नियम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Dev Uthani Ekadashi 2022 Vrat Niyam: आज यानी 4 नवंबर, 2022 को देवउठनी एकादशी है। यह सभी 24 एकादशी में सबसे शुभ और मंगलकारी मानी जाती है। इस एकादशी को देवोत्थान एकादशी, देव प्रबोधिनी एकादशी और डिठवन एकादशी के नाम भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु 4 महीने की निद्रा के बाद जाग्रत होते हैं। ऐसे में जगत के पालनहार के जागते ही 4 महीनों से रुके हुए सभी तरह के मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे। धार्मिक मान्यता है कि सभी एकादशियों में सर्वश्रेष्ठ मानी जाने वाली इस एकादशी का व्रत करने वालों को स्वर्ग और बैकुंठ की प्राप्ति होती है। हालांकि इस दिन कुछ बातों का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी होता है। तो चलिए जानते हैं कि देवउठनी एकादशी के नियम क्या-क्या हैं और इस दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं...  

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देवउठनी एकादशी व्रत में क्या करें?

  • इस दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। 
  • मान्यता के अनुसार, देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की प्रतिमा के सामने दीपक अवश्य जलाना चाहिए। 
  • देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के नाम का कीर्तन भी करना चाहिए।  
  • इस दिन निर्जला व्रत रखना चाहिए। 
  • साथ ही देवउठनी एकादशी के दिन किसी गरीब और गाय को भोजन अवश्य कराना चाहिए।

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देवउठनी  एकादशी को क्या न करें?

  • हिंदू शास्त्रों के अनुसार, एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • देवउठनी एकादशी वाले दिन पर किसी अन्य के द्वारा दिया गया भोजन नहीं करना चाहिए।
  • साथ ही एकादशी पर मन में किसी के प्रति विकार नहीं उत्पन्न करना चाहिए ।
  • देवउठनी एकादशी पर गोभी, पालक, शलजम आदि का भी सेवन नहीं करना चाहिए।
  • देवउठनी एकादशी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को बिस्तर पर नहीं सोना चाहिए। 
  • एकादशी वाले दिन पर बाल और नाखून नहीं कटवाने चाहिए।
  • एकादशी वाले दिन पर संयम और सरल जीवन जीने का प्रयास करना चाहिए। 
  • इस दिन कम से कम बोलने की किसी कोशिश करनी चाहिए। साथ ही भूल से भी किसी को कड़वी बातें नहीं बोलनी चाहिए।

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