लाभ पंचमी आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व
- फोटो : iStock
Labh Panchami 2022: आज यानी 29 अक्तूबर को लाभ पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। हर साल ये पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। इस पर्व को ज्ञान और सौभाग्य पंचमी के नाम से भी जाना जाता है। सौभाग्य पंचमी मनुष्य के जीवन में सुख और समृद्धि की बढ़ोत्तरी करती है। हिंदू धर्म में लाभ पंचमी का खास महत्व होता है। इस दिन शिव परिवार और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस दिन शिव शंकर और गणेश जी की पूजा करने से समस्त विघ्नों का नाश होता है। साथ ही व्यापार में तरक्की भी होती है। सौभाग्य पंचमी का त्योहार खुशहाल जीवन और मनुष्य की इच्छाओं की पूर्ति के लिए एक शुभ अवसर होता है। ऐसे में चलिए जानते हैं लाभ पंचमी की पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व...
Chhath Puja 2022: छठ पूजा का दूसरा दिन आज, खरना का प्रसाद ग्रहण कर शुरू होगा 36 घंटे का निर्जला महाव्रत
लाभ पंचमी 2022 मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि की शुरुआत 29 अक्टूबर 2022 को सुबह 08 बजकर 13 मिनट से हो रही है। ये तिथि अगले दिन 30 अक्टूबर 2022 को सुबह 05 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार लाभ पंचमी आज यानी 29 अक्टूबर 2022 को मनाई जाएगी।
लाभ पंचमी पूजा मुहूर्त - 29 अक्तूबर को सुबह 08 बजकर 13 मिनट से सुबह 10 बजकर 18 मिनट तक
लाभ पंचमी पूजा विधि
- सौभाग्य पंचमी या लाभ पंचमी के दिन प्रात: काल उठकर स्नान आदि से निवृत होकर लाल वस्त्र पहनें और सूर्य को अर्घ्य दें।
- फिर शुभ मुहूर्त में भगवान शिव, गणपति जी की चंदन, पुष्प, अक्षत, मौली से पूजा करें।
- भगवान गणेश को दूर्वा और सिंदूर, मोदक चढ़ाएं।
- भगवान भोलेनाथ को भस्म, धतूरा अर्पित करें।
- यदि आप दिवाली पर नए बहीखातों की पूजा न कर पाए हैं तो लाभ पंचमी के दिन ये शुभ काम कर सकते हैं।
- मां लक्ष्मी को इत्र, कमल का फूल, सफेज मिठाई चढ़ाएं और ''ॐ श्रीं ल्कीं महालक्ष्मी महालक्ष्मी एह्येहि सर्व सौभाग्यं देहि मे स्वाहा'' मंत्र का जाप करें।
Chhath Puja 2022: छठ पूजा का दूसरा दिन आज, जानिए चार दिन तक चलने वाले इस महापर्व में किस दिन क्या होता है
लाभ पंचमी का महत्व
हिंदू धर्म में लाभ या सौभाग्य पंचमी का दिन किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन कोई भी नया बिजनेस शुरू किया जा सकता है। इस दिन व्यापारी लोग नया बहीखाता शुरू करते हैं। मुख्य रूप से ये त्योहार गुजरात में धूमधाम से मनाया जाता है।