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Bhaum Pradosh Vrat 2021: आज भौम प्रदोष व्रत, जानिए कैसे प्रसन्न होंगे महादेव और मुहूर्त

Tue, 26 Jan 2021 08:00 AM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

सार

  • 26 जनवरी को है भौम प्रदोष व्रत
  • भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है यह व्रत
  • हर महीने दो प्रदोष व्रत आता है
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Pradosh Vrat: जिस वार को प्रदोष व्रत आता है उसका नाम होता है। जैसे मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Bhaum Pradosh Vrat: साल 2021 का दूसरा प्रदोष व्रत 26 जनवरी को है। हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने शुक्ल और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत रखने के लिए त्रयोदशी तिथि विशेष मानी जाती है। भगवान शिव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा पाने के लिए प्रदोष व्रत रखा जाता है। प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति के ऊपर लगा दोष मिट जाता है। दिन विशेष पर पड़ने वाले प्रदोष व्रत का फल अलग-अलग होता है। जिस वार को प्रदोष व्रत आता है उसका नाम होता है। जैसे मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष को भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है।
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सोमवार- इस दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को सोम प्रदोषम् या चन्द्र प्रदोषम् भी कहा जाता है। इस दिन साधक अपनी अभीष्ट कामना की पूर्त्ति के लिए शिव की साधना करता है।
मंगलवार- इस दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को भौम प्रदोषम् कहा जाता है और इसे विशेष रूप से अच्छी सेहत और बीमारियों से मुक्ति की कामना से किया जाता है।
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बुधवार- इस दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत को बुध प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन किया जाने वाला प्रदोष व्रत सभी प्रकार की कामनाओं को पूरा करने वाला होता है।
गुरुवार- इस दिन किया जाने वाला व्रत गुरु प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन शत्रुओं पर विजय पाने और उनके नाश के लिए इस पावन व्रत को किया जाता है।
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शुक्रवार- इस दिन पड़ने वाले व्रत को शुक्र प्रदोष व्रत कहते हैं। इस दिन किए जाने वाले प्रदोष व्रत से सुख-समृद्धि और सौभाग्य का वरदान मिलता है।
शनिवार- इस दिन किये जाने वाले प्रदोष व्रत को शनि प्रदोषम् कहा जाता है। इस दिन इस पावन व्रत को पुत्र की कामना से किया जाता है।
रविवार- रविवार के दिन किया जाने वाला प्रदोष व्रत लंबी आयु और आरोग्य की कामना से किया जाता है।

 भौम प्रदोष व्रत के शुभ फल 
प्रदोष व्रत में शिव संग शक्ति यानी माता पार्वती की पूजा की जाती है, जो साधक के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं को दूर करते हुए उसका कल्याण करती हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार भौम प्रदोष व्रत करने वाले साधक पर सदैव भगवान शिव की कृपा बनी रहती है और उसका दु:ख दारिद्रय दूर होता है और कर्ज से मुक्ति मिलती है। 

इस पूजा से प्रसन्न होंगे महादेव 
प्रदोष व्रत करने के लिए जल्दी सुबह उठकर सबसे पहले स्नान करते हैं। इसके बाद भगवान शिव को बेल पत्र, चावल, फूल, धूप, दीप, फल, पान, सुपारी आदि चढ़ाए जाते हैं। मंगलवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत में भगवान शिव-पार्वती की पूजा के साथ मंगल देवता की पूजा करना न भूलें। भौम प्रदोष व्रत के दिन मंगल देवता के 21 नामों का भक्तिभाव से उच्चारण करते हुए जीवन में मंगल की कामना करें। व्रत के साथ-साथ मंगल प्रदोष की कथा अवश्य सुनें या कहें। 

भौम प्रदोष व्रत 2021 का मुहूर्त
त्रयोदशी तिथि का प्रारंभ- 25 जनवरी रात 12 बजकर 24 मिनट से। 
त्रयोदशी तिथि की सामाप्ति- 26 जनवरी की रात 01 बजकर 11 मिनट तक।

साल 2021 में कब-कब प्रदोष व्रत Pradosh Vrat 2021 List) 

10 जनवरी: प्रदोष व्रत
26 जनवरी: भौम प्रदोष व्रत
09 फरवरी: भौम प्रदोष व्रत
24 फरवरी: प्रदोष व्रत
10 मार्च: प्रदोष व्रत
26 मार्च: प्रदोष व्रत
09 अप्रैल: प्रदोष व्रत
24 अप्रैल: शनि प्रदोष
08 मई: शनि प्रदोष
24 मई: सोम प्रदोष व्रत
07 जून: सोम प्रदोष व्रत
22 जून: भौम प्रदोष
07 जुलाई: प्रदोष व्रत
21 जुलाई: प्रदोष व्रत
05 अगस्त: प्रदोष व्रत
20 अगस्त: प्रदोष व्रत
04 सितंबर: शनि प्रदोष
18 सितंबर: शनि प्रदोष व्रत
04 अक्टूबर: सोम प्रदोष
17 अक्टूबर: प्रदोष व्रत
02 नवंबर: भौम प्रदोष
16 नवंबर: भौम प्रदोष
02 दिसंबर: प्रदोष व्रत
31 दिसंबर: प्रदोष व्रत
 
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