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Saraswati Puja 2022: आज वसंत पंचमी पर बना त्रिवेणी योग, जानिए सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त

Sat, 05 Feb 2022 09:02 AM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Saraswati Puja 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat Time: हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष वसंत पंचमी माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी पांचवें दिन मनाई जाती है। वसंत पंचमी को देश के कई हिस्सों में अलग-अलग नामों से जैसे वागेश्वरी जयंती और श्री पंचमी के नाम से मनाया जाता है।
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Happy Basant Panchami 2022: ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस बार 05 फरवरी को वसंत पंचमी त्रिवेणी योग में मनाई जा रही है। सिद्ध, साध्य और रवि योग नाम के तीन योग का निर्माण होने से वसंत पंचमी पर्व का महत्व इस बार काफी बढ़ गया है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Basant Panchami 2022 Saraswati Puja Shubh Timing: आज, (05 फरवरी) वसंत पंचमी का पर्व बहुत ही शुभ योग के साथ मनाया जा रहा है। वसंत पचंमी का पर्व अबूझ मुहूर्त होता है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा आराधना बहुत ही शुभ मानी गई है। वसंत पंचमी का पावन त्योहार पूरे देश में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। वसंत पंचमी के दिन ज्ञान, वाणी और विद्या की देवी मां सरस्वती की विधि-विधान के साथ पूजा आराधना की जाती है। वसंत पंचमी के पर्व को ऋतुराज वसंत के आगमन का प्रतीक माना जाता है। वसंत पंचमी को देश के कई हिस्सों में अलग-अलग नामों से जैसे वागेश्वरी जयंती और श्री पंचमी के नाम से मनाया जाता है।  हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष वसंत पंचमी माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि यानी पांचवें दिन मनाई जाती है। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस बार 05 फरवरी को वसंत पंचमी त्रिवेणी योग में मनाई जा रही है। सिद्ध, साध्य और रवि योग नाम के तीन योग का निर्माण होने से वसंत पंचमी पर्व का महत्व इस बार काफी बढ़ गया है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार वसंत पंचमी के दिन त्रिवेणी योग बनने से विद्याारंभ संस्कार करना बहुत ही शुभ और सिद्धि प्रदान करने वाला होगा।

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वसंत पंचमी पर त्रिवेणी योग की गणना
पंचांग के मुताबिक आज माघ माह शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। इस साल वसंत पंचमी तिथि 05 फरवरी की सुबह तीन बजकर 49 मिनट से 06 फरवरी की सुबह 3 बजकर 49 मिनट तक रहेगी। पंचांग गणना के अनुसार 04 फरवरी को सुबह 07 बजकर 10 मिनट से 05 फरवरी की शाम 5 बजकर 40 मिनट तक सिद्धियोग रहेगा। फिर इसके बाद 5 फरवरी की शाम 5 बजकर 41 मिनट से 06 फरवरी को शाम 4 बजकर 52 मिनट तक साध्य योग रहेगा। इन दो शुभ योग के अलावा वसंत पंचमी के दिन रवि योग का संयोग भी बन रहा है। वसंत पंचमी पर इस त्रिवेणी योग के निर्माण से बच्चों के लिए विद्यारंभ बहुत ही शुभ फलदायक रहेगा।

वसंत पंचमी शुभ मुहूर्त ( Basant Panchami Shubh Muhurat)
हिंदू पंचांग के अनुसार माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 05 फरवरी की सुबह 03 बजकर 47 मिनट से प्रारंभ हो जाएगी यह तिथि अगले दिन 06 फरवरी को सुबह 03 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजी सूर्योदय के बाद और दोपहर से पहले करने का विधान होता है। ऐसे में सरस्वती पूजा के साथ अन्य मांगलिक कार्य का शुभ मुहूर्त सुबह 07 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 35 मिनट तक रहेगा। इस तरह से वसंत पंचमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त कुल मिलाकर 05 घंटे 28 मिनट तक का रहेगा। जिसमें पूजा करना सर्वश्रेष्ठ और शुभ फलदायी रहेगा।
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वसंत पंचमी का महत्व  ( Basant Panchami Significance)
शास्त्रों में वसंत पंचमी तिथि को अबूझ मुहूर्त माना गया है। इस अबूझ मुहूर्त में कोई भी शुभ कार्य और पूजा करना बहुत ही मंगलकारी और फलदायी होता है। वसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा करने से विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। देवी सरस्वती को सृष्टि, ज्ञान, संगीत, कला, ज्ञान और शिक्षा की अधिष्ठाती देवी माना गया है। इस दिन पीला वस्त्र पहनने, माथे पर पीला चंदन लगाने और शैक्षाणिक संस्थानों में माता सरस्वती की पूजा करने का महत्व होता है।

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