Basant Panchami 2022: सरस्वती पूजा मुहूर्त की कुल अवधि 05 घंटे और 28 मिनट की है।
वसंत पंचमी तिथि और शुभ मुहूर्त
पंचमी तिथि आरंभ: 05 फरवरी, शनिवार, प्रातः 03:48 बजे से
पंचमी तिथि समाप्त: 06 फरवरी, रविवार प्रातः 03:46 बजे पर
सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त: 05 फरवरी प्रातः 07:19 मिनट से दोपहर 12:35 मिनट तक
सरस्वती पूजा मुहूर्त की कुल अवधि: 05 घंटे और 28 मिनट
Basant Panchami 2022: बसंत पंचमी के दिन साधकों को अपने घर में सरस्वती यंत्र स्थापित करना चाहिए।
Basant Panchami 2022: मां सरस्वती की वीणा की मधुर तान के कारण ही सृष्टि में नाद उत्पन्न हुआ।
इसलिए होती है वसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा
मान्यता है कि इस दिन मां सरस्वती का अवतरण हुआ था। शास्त्रों एवं पुराणों कथाओं के अनुसार वसंत पंचमी और सरस्वती पूजा को लेकर एक बहुत ही रोचक कथा है। पौराणिक कथा के अनुसार, सृष्टि के प्रारंभ में भगवान विष्णु की आज्ञा से ब्रह्मा ने मनुष्य की रचना की। हालांकि अपनी रचना से ब्रह्मा जी संतुष्ट नहीं थे। उदासी से सारा वातावरण शांत सा हो गया था। यह देखकर ब्रह्माजी ने अपने कमण्डल से जल छिड़का। उन जलकणों के पड़ते ही पेड़ों से एक शक्ति उत्पन्न हुई जिनके एक हाथ में वीणा और दूसरे हाथ में पुस्तक थी। उनके तीसरे हाथ में माला और चौथा हाथ वरद मुद्रा में था। जैसे ही उस देवी ने वीणा की मधुर तान छेड़ी सृष्टि की प्रत्येक वस्तु को आवाज मिल गई। इसलिए इन्हें देवी सरस्वती के रूप में नामित किया गया। चूंकि इस दिन माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी थी। इसलिए वसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा की जाने लगी।