Bada Mangal 2026: हिंदू धर्म में हनुमान जी की पूजा-उपासना का खास महत्व होता है। मंगलवार और शनिवार का दिन हनुमान जी को समर्पित होता है। इसके अलावा हिंदू कैलेंडर में हर वर्ष ज्येष्ठ माह में आने वाला मंगलवार का विशेष महत्व होता है, जिसे बड़ा मंगल कहा जाता है। बड़े मंगलवार को हनुमान जी की विशेष रूप से पूजा-आराधना करने का विधान होता है। इस वर्ष ज्येष्ठ माह में 4 के बजाय 8 बड़ा मंगल पड़ने वाला है क्योंकि अधिकमास होने के कारण ज्येष्ठ माह एक के बजाय दो माह का होगा। ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल आज यानी 5 मई से आरंभ हो रहा है। आइए जानते हैं बड़ा मंगलवार की तिथियां, मंत्र और पूजा विधि।
ज्येष्ठ माह में पड़ने वाला बड़ा मंगल के बारे में पौराणिक कथाओं में उल्लेख मिलता है। धार्मिक कथाओं के अनुसार, ऐसी मान्यता है भगवान राम और हनुमानजी की पहली मुलाकात ज्येष्ठ माह के मंगलवार के दिन हुई थी। कथा के अनुसार, हनुमानजी ने भगवान राम की परीक्षा के लिए एक बुढ़े ऋषि का रूप धारण किया था, इस घटना को ही बुढ़वा मंगल कहा जाता है। वहीं एक दूसरी कथा महाभारत काल की है, जब भीम को अपनी ताकत पर बड़ा घमंड हो गया था तब हनुमान जी ने एक बूढ़ें वानर का रूप धारण कर उनके अहंकार को तोड़ा था। तभी से हर वर्ष ज्येष्ठ माह में आने वाला मंगल को बुढ़वा मंगल के नाम से जान जाता है।
वर्ष 2026 में बड़ा मंगल की तिथियां
पहला बड़ा मंगल- 5 मई
दूसरा बड़ा मंगल- 12 मई
तीसरा बड़ा मंगल- 19 मई
चौथा बड़ा मंगल- 26 मई
पांचवां बड़ा मंगल- 2 जून
छठा बड़ा मंगल- 9 जून
सातवां बड़ा मंगल-16 जून
आठवां बड़ा मंगल- 23 जून
बड़ा मंगल और हनुमान जी की पूजन विधि
ज्येष्ठ माह के हर एक मंगलवार को सबसे पहले जल्दी उठकर स्नान करें और साफ-सुथरे कपड़े पहनकर पूजा का संकल्प लें। फिर इसके बाद घर के मंदिर की साफ-सफााई करें। इसके पूजा स्थल पर एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाकर हनुमान जी की मूर्ति को स्थापित करें। इसके बाद पूजा शुरू करते हुए हनुमान जी फल, फूल, अक्षत, सिंदूर और अन्य दूसरी पूजा सामग्री को अर्पित करें। इसके बाद भोग में बेसन के लड्डू, तुलसी दल और पान चढ़ाएं। इसके बाद हनुमान चालीसा और हनुमान मंत्रों का पाठ करें। अंत में विधि-विधान के साथ आरती उतारते हुए पूजा में गलती के लिए क्षमा मांगे।