डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
Aarti Kunj Bihari Ki: 4 सितंबर को देशभर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव यानी जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाएगा। इस पावन अवसर पर घरों से लेकर मंदिरों तक भगवान श्रीकृष्ण की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। इसके अलावा भक्तजन दिनभर उपवास भी रखते हैं और मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के बाद व्रत का पारण करते हैं। धार्मिक ग्रंथों की मानें, तो जन्माष्टमी पर मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस दौरान भक्त पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ कान्हा की पूजा करते हैं और आरती उतारते हैं। धार्मिक मान्यता है कि आरती के बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। श्रद्धापूर्वक आरती करने से भक्तों को पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। ऐसे में जन्माष्टमी के इस पावन अवसर पर आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण की प्रसिद्ध आरती को विस्तार से जानते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।