आरक्षक ने रिश्वतखोर बाबू को पकड़वाया
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रीवा मेडिकल कॉलेज में सहायक ग्रेड-3 स्तर के लिपिक को एक प्रधान आरक्षक से रिश्वत मांगने की सजा मिली है। उसे लोकायुक्त पुलिस ने 15 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। मामला यह है कि उसने पुलिस वाले से बिल पास करवाने के लिए घूस मांग ली थी।
सीधी जिले के थाना चुरहट में प्रधान आरक्षक अनिल कुमार सोनी, उम्र 38 वर्ष ने लोकायुक्त को शिकायत की थी कि रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज का बाबू उनसे रिश्वत मांग रहा है। मामला यह है कि सोनी का एक मेडिकल बिल था। उसकी राशि करीब चार लाख तीस हजार रुपये से अधिक की थी। उसे पास कराने के लिए रीवा मेडिकल कॉलेज के बाबू भूपेंद्र सिंह पिता ब्रजमोहन लाल सिंह ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग ली थी। पहले तो सोनी को समझ नहीं आया कि यह जानते-बूझते भी घूस क्यों मांग रहा है। जब उसने अपनी तरफ से उसे मनाने की सारी कोशिश की और बात नहीं जमी तो फोन कॉल रिकॉर्ड किए। लोकायुक्त को शिकायत की, फिर तय हुआ कि रीवा मेडिकल कॉलेज में ही रिश्वत की राशि दी जाएगी। जैसे ही भूपेंद्र सिंह को सोनी ने घूस की राशि थमाई, लोकायुक्त टीम ने उसे दबोच लिया।
लोकायुक्त पुलिस की इस कार्रवाई का नेतृत्व डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार ने किया। उनके साथ टीम में डीएसपी राजेश पाठक, इंस्पेक्टर जिया उल हक, सब इंस्पेक्टर रितिका शुक्ला, आकांक्षा पांडे व प्रधान आरक्षक पवन पांडे, आरक्षक सुभाष पांडे, प्रेम सिंह, शैलेंद्र मिश्रा, शाहिद खान, धर्मेन्द्र जायसवाल, आशीष त्रिपाठी समेत बारह सदस्य थे।