रक्षा ने जौलीग्रांट से किया कोर्स ऋषभ ने किया पॉलिटेक्निक
रक्षा के मामा प्रवीन पांडेय ने बताया कि रक्षा ने केवि श्रीनगर से हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की थी। हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज जौलीग्रांट से लैब टेक्नीशियन का कोर्स किया। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें संविदा पर सीएचसी कीर्तिनगर में काम करने का अवसर मिला था। नौकरी मिलने के बाद परिवार को भी रक्षा के अपने पैरों पर खड़े होने की खुशी थी लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। वहीं रक्षा का छोटा भाई ऋषभ भी भविष्य संवारने में जुटा था। उसने एसजीआरआर स्कूल से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की। इसके बाद सिविल इंजीनियरिंग में पॉलिटेक्निक किया। वर्तमान में वह सिंचाई विभाग में एक अवर अभियंता के अधीन अस्थायी तौर पर कार्य कर रहा था। मगर हादसे ने एक झटके में परिवार की सारी उम्मीदें छीन लीं। एक ही दिन में बेटी और बेटे को खोने का गम परिजनों के लिए असहनीय हो गया है।
ये भी पढे़ं...उत्तराखंड: प्रदेश के हिमाच्छादित क्षेत्रों में आज से घर-घर जनगणना, ओटीपी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी
गांव से लेकर श्रीनगर तक पसरा मातम
रक्षा और ऋषभ की मौत की खबर जैसे ही बोगा सेमवाल गांव और भक्तियाना क्षेत्र में पहुंची वहां मातम पसर गया। परिचित और रिश्तेदार परिवार को ढांढस बंधाने के लिए पहुंचने लगे। हर किसी की जुबान पर दोनों भाई-बहन के मिलनसार व्यवहार की चर्चा रही। रक्षा-ऋषभ की दादी मुन्नी देवी का भी रो-रोकर बुरा हाल है।