करेली थाना क्षेत्र के बाजूपुर की घटना पर एडीसीपी राजकुमार मीना जांच को मौके पर पहुंचे।
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दोस्तों व करीबियों पर शक, उठाए गए कई संदिग्ध
प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इरफान की हत्या के मामले में पुलिस को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस का शक इरफान के दोस्तों व करीबियों पर गहरा गया है। ऐसे में पुलिस ने कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इरफान की दिनचर्या, उनके संपर्क और हाल के विवादों की गहन पड़ताल की गई तो सामने आया कि इरफान का कुछ लोगों से प्रॉपर्टी के साथ ही लेनदेन और व्यक्तिगत विवाद चल रहा था। इसी आधार पर पुलिस ने उनके करीबी लोगों की भूमिका को भी संदेह के दायरे में लिया है।
पुलिस ने ऐसे कई लोगों को उठाया है, जो इरफान के साथ नियमित संपर्क में थे। इनसे पूछताछ कर यह जानने का प्रयास किया गया कि वारदात के पीछे किसका हाथ है। वहीं, पुलिस का मानना है कि वारदात को जिस सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया, उसमें किसी जानकार व्यक्ति की भूमिका हो सकती है। इसी कारण जांच का फोकस अब इरफान के नजदीकी लोगों पर भी केंद्रित कर दिया गया है। बहरहाल, पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवा दिया है। बृहस्पतिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
पोस्टमार्टम हाउस पर जुटे इरफान के परिजन।
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पुलिस ने खंगाले 30 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, दिखे आरोपी
प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद इरफान की हत्या के मामले में पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए देर रात तक कैमरों को खंगालती रही। इस दौरान एक फुटेज में आरोपी दिखे भी, लेकिन उनकी स्पष्ट पहचान नहीं हो सकी है। बदमाशों की पहचान के लिए पुलिस ने आसपास के 30 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले हैं पर इनमें उनका चेहरा साफ नहीं है।
पुलिस के मुताबिक, नकाबपोश बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए।
कई सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार संदिग्ध नजर आए हैं, लेकिन उनकी पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटनास्थल से लेकर आसपास के मुख्य मार्गों व चौराहों पर लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली है। इसके अलावा, संदिग्धों के भागने के संभावित रास्तों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के साथ-साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है। जल्द ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। उधर, घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं, वहीं पुलिस ने गश्त बढ़ाकर स्थिति को नियंत्रित किया। डीसीपी ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। सर्विलांस सेल की भी मदद ली जा रही है।