शिमला में चार साल के मासूम युग को हत्या से पहले आरोपियों ने जबरन शराब पिलाई और फिर उसे जिंदा ही पेयजल टैंक में फेंक दिया था। युग शोर न मचाए और बेसुध रहे, उसे शराब पिलाई जाती थी।
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पानी से भरे टैंक में होश आने पर युग कहीं टैंक की सीढि़यां चढ़कर बाहर न आ जाए इसलिए आरोपियों ने उसके पैर में रस्सी से एक भारी पत्थर बांध दिया था। वीरवार सुबह आठ बजे युग हत्याकांड के तीनों आरोपियों को जांच कर रही सीआईडी टीम एक के बाद एक उस क्राइम स्पॉट पर लेकर गई जहां उन्होंने युग को किडनैप किया और फिर आठ दिन के बाद मार कर फेंक दिया।
जिस पेयजल टैंक में युग को फेंका था वहां की भी शिनाख्त करवाई गई। लगभग पांच घंटे तक टीम आरोपियों को लेकर शहर में क्राइम सीन का रीक्रिएशन करती रही। इस दौरान मौके की वीडियोग्राफी भी की गई। सूत्रों के अनुसार इस दौरान आरोपियों ने माना कि उन्होंने जिंदा ही युग को टैंक में फेंक दिया था।
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तीनों मारने को तैयार नहीं थे, फिर लिया डुबोने का फैसला
आरोपी तेजिंद्र
- फोटो : अमर उजाला
दरिंदगी की इंतहा देखिए। पूछताछ में पता चला कि उसे मारने के लिए तीनों में कोई तैयार नहीं हो रहा था। फिर तीनों ने तय किया कि उसे जिंदा ही पानी के टैंक मे डुबा कर मार दिया जाए। वीरवार की सुबह ठीक आठ बजे टीम तीनों आरोपियों तजिंदर पाल सिंह, चंद्र शर्मा और विक्रम बख्शी को लेकर सबसे पहले राम बाजार पहुंची।
वहां आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कैसे युग को बहाल-फुसला कर तजिंदर के गोदाम तक पहुंचाया। उसे बेहोश कर एक बड़े बाक्स में डाला। चंद्र और विक्रम ने मिलकर बाक्स उठाया था। और पिछले दरवाजे से गंज बाजार और डीडीयू अस्पताल होते हुए तीनों लोकल बस स्टैंड के नजदीक गुरुद्वारे के पास पहुंचे।
सीआईडी इस जगह से इन तीनों को पैदल लेकर गई। यहां पहुंच कर आरोपियों ने बताया कि इसके बाद पार्किगिं से तजिंदर ने अपनी गाड़ी निकाली और तीनों युग को लेकर नवबहार चले गए। इसके बाद सीआईडी टीम रामचंद्र चौक के पास नवबहार स्थित उस एचआईजी फ्लैट नं. 22 में पहुंची जहां युग को रखा था। एक फ्लैट एकांत में है।
शराब पिलाकर छिपाते थे बेड बॉक्स में, फिर जिंदा ही टैंक में फेंका
आरोपियों को मौका ए वारदात पर ले जाती सीआईडी की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
यहां आरोपियों ने दिखाया कि वह युग को कैसे बेड बाक्स में बंद रखते थे और कब उसे जबरन शराब पिलाते थे। बेड बाक्स के अलावा उन्होंने फ्लैट में किस-किस हिस्से में उसकी वीडियो क्लिप बनाई और फोटो शूट किए। यहां से टीम चौड़ा मैदान के उस हिस्से में पहुंची जहां से पत्थर उठाया था।
चौड़ा मैदान और समरहिल के उन पोस्ट आफिस के बारे में भी आरोपियों ने बताया जहां पर वह फिरौती वाले पत्र पोस्ट करते थे। टीम तीनों आरोपियों को लेकर कलेस्टन में उस जगह पहुंची जहां पेयजल टैंक में युग को फेंका था। यहां तजिंदर और चंद्र ने कहा कि उन्होंने टैंक के समीप इस जगह गाड़ी खड़ी की थी।
लेकिन विक्रम ने दूसरी जगह गाड़ी पार्क करने की बात कही। इसके बाद एक टीम तजिंदर और विक्रांत बख्शी को लेकर भराड़ी थाने लौट गई जबकि एक टीम चंद्र शर्मा को लेकर शोघी निकल गई। तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच हवालात में बंद कर दिया गया। आरोपी अभी रिमांड पर चल रहे हैं, इन्हें शनिवार को जिला कचहरी में पेश किया जाएगा।
राम बाजार में आरोपी तजिंदर, चंद्र पर निकाला भीड़ ने गुस्सा
युग हत्याकांड के आरोपियों की वीरवार सुबह आठ बजे राम बाजार पहुंचने की भनक लगते ही चंद मिनटों में भीड़ जुट गई। सीआईडी कड़ी सुरक्षा में दो आरोपियों चंद्र और तजिंदर को हथकडि़यों में जकड़े हुए थी। इन्हें देखकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्हें पीटने के लिए लपके।
पुलिस के कमांडो ने उन्हें रोक दिया। भीड़ मांग कर रही थी कि आरोपियों को हमारे हवाले सौंप दो, वह खुद अपने हाथों से सजा देंगे। बताया जा रहा है कि इस दौरान भीड़ ने तजिंदर और चंद्र को थप्पड़ रसीद कर दिए। हालांकि पुलिस प्रशासन इससे इनकार कर रहा है।
सीआईडी को इस बात की पहले से ही भनक लग थी कि आरोपियों पर मौके पर हमला हो सकता है। सीआईडी के साथ शिमला पुलिस का कमांडो दस्ता भी था। उन्हें पहले ही निर्देश दिए गए थे कि आरोपियों की सुरक्षा का इंतजाम कड़ा होना चाहिए इसलिए छुट्टी वाले दिन सुबह आठ बजे सीआईडी आरोपी को लेकर शहर में पहुंची। इस दौरान युग के परिजनों के साथ भी आरोपियों का आमना-सामना हुआ।
आरोपियों को मुश्किल से ही मिलेगा कोई नामी वकील
युग अपहरण और हत्याकांड मामले के आरोपियों की कोर्ट में पैरवी करने के लिए शहर का कोई भी नामी क्रिमिनल वकील तैयार नहीं है। तर्क दिया जा रहा है कि चार साल के मासूम बच्चे की हत्या करने वालों की पैरवी करना इंसानियत नहीं है। इस मामले में आरोपियों के पक्ष में खड़े होकर नामी क्रिमिनल वकील अपनी सामाजिक छवि भी खराब नहीं करना चाहते हैं। ऐसे में आरोपियों को मुश्किल से ही कोई नामी वकील मिलेगा।
नहीं मिली युग की टी शर्ट
युग हत्याकांड के तीसरे आरोपी चंद्र ने सीआईडी को बताया कि उसने युग की टी शर्ट शोघी और तारादेवी के बीच फेंकी थी। उस दौरान वह बस में अकेला ही गया था। सीआईडी टीम टी शर्ट की तलाश करने चंद्र को लेकर शोघी गई, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। टीम पौने एक बजे वापस भराड़ी थाने पहुंची।
एमसी के लापरवाह अफसरों पर एफआईआर दर्ज करने की तैयारी
क्लस्टन में पानी के टैंक के अंदर और बाहर युग के अवशेष मिलने के मामले में सीआईडी ने प्रदेश पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेज कर नगर निगम के जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ मामला दर्ज करने की सिफारिश की है। प्रदेश पुलिस मुख्यालय से लिखित में सूचना मिलने पर शिमला पुलिस इस मामले में एमसी के लापरवाह अफसरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लेगी।
सीआईडी ने अपनी जांच में पाया कि आरोपियों ने 22 जून 2014 को इस टैंक में युग को फेंक दिया था। नगर निगम समय रहते टैंक की नियमित सफाई करता तो मामला पहले ही साफ हो जाता। निगम ने शहर में पीलिया फैलने के बाद टैंकों की सफाई प्रदेश न्यायालय के आदेशों के बाद की।
जब सीआईडी ने टैंक को खंगाला तो उसमें से भी युग के कुछ अवशेष मिले जबकि कुछ अवशेष टैंक के आस पास मिले थे जिन्हें निगम के कर्मचारियों ने लंगूर के अवशेष समझ कर एक बोरी में बंद करके फेंक दिया था। हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर भी सीआईडी ने टैंक से बरामद किया।
टैंक से पब्लिक को पानी पिलाने के मामले में किरकिरी के बाद नगर निगम की लापरवाही की नींद टूट गई है। भराड़ी टैंक में युग का कंकाल मिलने के मामले में निगम ने टैंक की सफाई में लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। प्रकरण की जांच के लिए कमेटी गठित की गई है।
कमेटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिरना तय है। भराड़ी टैंक की सफाई में लापरवाही करने के मामले को लेकर निगम प्रबंधन ने संबंधित कर्मचारियों से लिखित जवाब तलब किया है। इतना ही नहीं इस टैंक की कब-कब सफाई हुई इसका विस्तृत ब्यौरा तैयार करने के लिए सहायक आयुक्त की अध्यक्षता में एक टीम भी गठित कर दी गई है। टीम सोमवार तक आयुक्त को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिसके बाद अग्रिम कार्रवाई को लेकर निर्णय लिया जाएगा।
एमसी आयुक्त ने दिए कड़ी कार्रवाई के संकेत
बुधवार शाम निगम आयुक्त ने निगम के नोडल आफिसरों की बैठक ली। बैठक में भराड़ी टैंक के मुद्दे को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक के दौरान निगम आयुक्त ने दो टूक कहा कि इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अभी नहीं पहुंची है लिखित में जानकारी - एसपी
एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने कहा कि अभी तक उनके पास इस बारे में कोई लिखित में जानकारी नहीं आई है। इतना जरूर मालूम पड़ा है कि सीआईडी ने इस बारे में नगर निगम के खिलाफ पत्र दिया है। प्रदेश पुलिस मुख्यालय से निर्देश आने के बाद ही आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।