उन्होंने इसका नाम आसमानी आलू रखा है। इसकी खास बात है कि इसका बीज किसी पौधे के नीचे लगाया जाता है। इसकी बेल 30 से 40 फीट तक लंबी हो जाती है। जिस पर आलू जैसी सब्जी लगती है। यह खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है।
प्रेमलाल ने बताया की इस आलू की सब्जी का स्वाद नॉनवेज की तरह है। शाकाहारी भोजन करने वालों के लिए सब्जी का आहार शानदार विकल्प हो सकता है। प्रेमलाल के अनुसार क्षेत्र में बंदरों का भी आतंक है। नकदी फसलों की खेती यहां संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए वे हल्दी, अश्वगंधा, जिमीकंद जैसी फसलें लगा रहे हैं।
आलू जैसी दिखने वाली यह सब्जी असल में यम है। इसकी कुछ किस्में ही खाने योग्य होती हैं। यम का अनुसंधान केंद्र केरल में है। लिहाजा वह इसकी ज्यादा जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। -एसके चक्रवर्ती, निदेशक, सीपीआरआई