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पेड़ पर चढ़ी बेल पर लगेंगे ‘आसमानी आलू’, पढें पूरा मामला

Wed, 05 Jun 2019 12:02 PM IST
Krishan Singh रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, बिलासपुर
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- फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल के खेतों में यदि पेड़ पर चढ़ी बेल पर आलू लगे नजर आएं तो हैरान न होना। बिलासपुर जिले में प्रगतिशील किसान ऐसी ही हैरत में डालने वाली खेती में जुटे हैं। आलू जैसी दिखने वाली इस सब्जी का नाम यम है, जिसकी खेती जिले में की जा रही है।

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फिलहाल बीज तैयार किया जा रहा है। बाद में इसे खेतों में बीजकर आल जैसी सब्जी की पैदावार ली जाएगी। यम की खेती में जुटे उपमंडल घुमारवीं की कोठी पंचायत के गांव न्यूनखस फयोड़ी के किसान और गांव के पूर्व उप प्रधान प्रेमलाल ने इसे आसमानी आलू का नाम दिया है।

उनके अनुसार यम की खेती का यह प्रारंभिक चरण है। लक्ष्य दो क्विंटल बीज तैयार करने का है, जिसके बाद इसकी खेती की जाएगी। ‘आसमानी आलू’ बेल पर लगता है।

एक बेल पेड़ या फिर किसी अन्य ढांचे पर फैलती है और प्रति बेल आठ से दस किलो तक यम की पैदावार देती है। प्रेमलाल ने बताया कि क्षेत्र में किसानों का एक समूह बनाया है। यह समूह कांगड़ा भ्रमण पर गया था, जहां से उन्हें यह बीज मिला है।

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नॉनवेज का हो सकता है विकल्प  

- फोटो : गूगल
उन्होंने इसका नाम आसमानी आलू रखा है। इसकी खास बात है कि इसका बीज किसी पौधे के नीचे लगाया जाता है। इसकी बेल 30 से 40 फीट तक लंबी हो जाती है। जिस पर आलू जैसी सब्जी लगती है। यह खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है।

प्रेमलाल ने बताया की इस आलू की सब्जी का स्वाद नॉनवेज की तरह है। शाकाहारी भोजन करने वालों के लिए सब्जी का आहार शानदार विकल्प हो सकता है। प्रेमलाल के अनुसार क्षेत्र में बंदरों का भी आतंक है। नकदी फसलों की खेती यहां संभव नहीं है। इसी को ध्यान में रखते हुए वे हल्दी, अश्वगंधा, जिमीकंद जैसी फसलें लगा रहे हैं।

आलू जैसी दिखने वाली यह सब्जी असल में यम है। इसकी कुछ किस्में ही खाने योग्य होती हैं। यम का अनुसंधान केंद्र केरल में है। लिहाजा वह इसकी ज्यादा जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। -एसके चक्रवर्ती, निदेशक, सीपीआरआई
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