इन परीक्षाओं के कुछ अंक वार्षिक परीक्षाओं में जोड़े जाएंगे। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि इस नई व्यवस्था से साल भर विद्यार्थियों में पढ़ाई का माहौल बना रहेेगा। शिक्षकों को भी इससे पढ़ाई में कमजोर विद्यार्थियों को तलाशना आसान होगा।
सचिवालय में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि उच्च शिक्षा निदेशालय प्रस्ताव तैयार करेगा कि तिमाही और छमाही परीक्षाओं के कितने अंक वार्षिक परीक्षा में जोड़े जाएंगे। प्रधान सचिव शिक्षा केके पंत ने बताया कि विभाग एक नया प्रयास करने जा रहा है। सरकार से इस बाबत चर्चा की जाएगी।
सीबीएसई के कई स्कूलों में इस व्यवस्था को शुरू किया गया है। हालांकि, इसमें दसवीं कक्षा शामिल नहीं है, लेकिन छोटी कक्षाओं में साल भर लिए जाने वाले टेस्ट के कुछ फीसदी अंक वार्षिक परीक्षा में जोड़े जाते हैं। केंद्रीय विद्यालयों में भी ऐसी व्यवस्था पहले अपनाई जाती रही है।