शिमला के डीडीयू अस्पताल में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के दावों का दम निकल चुका है। अस्पताल में एक माह से एक्सरे मशीन ठप है। मरीज निजी लैबों में लुट रहे हैं। अस्पताल प्रशासन आज और कल मशीन ठीक करवाए जाने का बहाना बना रहा है।
एक माह से मशीन की मरम्मत नहीं करवाई जा सकी है। प्रबंधन की इस कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। मरीजों का आरोप है कि कहीं निजी लैबों को फायदा पहुंचाने की ये साजिश तो नहीं है। प्रबंधन ने कहा कि इसी हफ्ते मशीन ठीक करवा दी जाएगी। पर ऐसा हुआ नहीं।
अब चार दिन के भीतर इसे ठीक करवाए जाने का दावा प्रबंधन कर रहा है। अस्पताल में बार- बार मशीन खराब हो रही है। निजी लैबों में मरीज लूटने को मजबूर हैं। एक्सरे करवाने के लिए निजी लैबों में मनमाने रेट हैं। सौ से लेकर तीन सौ रुपये तक लोगों से वसूल किए जा रहे हैं।
डीडीयू में शहर के अलावा ऊपरी क्षेत्रों से भी मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं, लेकिन एक्सरे मशीन खराब होने से लोगों को मायूस लौटना पड़ रहा है। स्वास्थ्य महकमा इस मशीन को बदलने या फिर नई मशीन की खरीदारी नहीं कर रहा है और न ही मशीन को समय पर दुरुस्त करवा रहा है।
अस्पताल के नए भवन में भी मरीजों के लिए मशीनें लगनी हैं ऐसे में अगर यहां पर भी मशीनें खराब होती है तो शायद यहां पर भी मरीजों को कई महीनों तक मशीनों के ठीक होने का इंतजार करना होगा।
ग्यारह तक होगी दुरुस्त मशीन
ग्यारह नवंबर तक मशीन को दुरुस्त करवा दिया जाएगा। कंपनी की देरी के चलते काम लटका पड़ा है। कंपनी को पेनल्टी लगाई जाएगी। - डॉ. रंजना राव, - वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, डीडीयू
मशीन पांच से छह साल पुरानी है
अस्पताल में लगाई गई मशीन पांच से छह साल पुरानी है। मशीन के पार्ट काफी पुराने हो गए हैं। अब तो इस मशीन के पुर्जे भी नहीं मिलते हैं।
नई मशीन में होगे डिजिटल एक्सरे
स्वास्थ्य महकमा अगर नयी मशीन लगाता है तो उसमें मरीजों की बीमारी तुरंत पकड़ में आ जाएगी। डिजिटल मशीन के चलते मरीजों को एक्सरे लेने के लिए घंटों इंतजार नही करना होगा।