सोलन और मंडी में होने जा रही रेसलिंग में पहली बार हिमाचल के पहलवान भी रिंग में उतरेंगे। खली की अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे दस हिमाचली पहलवान जौहर दिखाते नजर आएंगे।
खली ने बताया कि जालंधर में उनकी अकादमी में 12 लड़के हिमाचल से हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूई में जाने के लिए सिर्फ भारी-भरकम शरीर की ही जरूरत नहीं है। तेजी और दिमाग से भी इस खेल में महारत हासिल की जा सकती है।
खली ने बताया कि डब्ल्यूडब्ल्यूई में कई नए खिलाड़ी छोटे कद के हैं। रेमस्टीरियो ने विश्व रिकॉर्ड कायम किए हैं। यदि कोई अभ्यास करे तो वो भी डब्ल्यूडब्ल्यूई में अपनी जगह बना सकता है।