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भाजपा में हमीरपुर सीट पर तकरार, प्रचार छोड़ घर बैठे पूर्व मंत्री कौंडल

Thu, 21 Mar 2019 05:00 AM IST
Krishan Singh सुरेश शांडिल्य, अमर उजाला, शिमला
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भाजपा के भीतर अब हमीरपुर लोकसभा सीट पर भी बगावत के सुर बढ़ने लगे हैं। इससे भाजपा के अगले निर्विवादित प्रत्याशी माने जा रहे हमीरपुर के मौजूदा सांसद अनुराग ठाकुर की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। इस संसदीय क्षेत्र में चुनाव प्रचार का काम छोड़कर पूर्व मंत्री रिखी राम कौंडल घर में बैठ गए हैं।

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उन्होंने झंडूता के मौजूदा विधायक जेआर कटवाल पर भी अपमानित करने का आरोप लगाया है। हमीरपुर से तीन बार भाजपा सांसद रह चुके सुरेश चंदेल पहले से ही कांग्रेस के संपर्क में हैं। सुरेश चंदेल और रिखीराम कौंडल दोनों केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के गृह जिले बिलासपुर से संबंध रखते हैं।
 
रिखीराम कौंडल का वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा विधायक रहते टिकट कट गया था और उनके स्थान पर पूर्व प्रशासनिक अधिकारी जेआर कटवाल को टिकट दिया गया। कटवाल पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के करीबी अधिकारी रहे हैं।
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उन्हें टिकट दिलाने में भी धूमल परिवार की भूमिका मानी जाती रही है। भाजपा की सरकार बनी तो रिखीराम कौंडल किसी सरकारी ओहदे पर अपनी ताजपोशी का इंतजार करते रहे, जो अभी तक नहीं हुई। इसी से वह नाराज चल रहे हैं। 

कांग्रेस ने ऑफर किया था, मगर मैं दलबदलू नहीं 

रिखीराम कौंडल ने बताया कि उन्हें जिस तरह से विधायक जेआर कटवाल अपमानित कर रहे हैं, वह सही नहीं है। उन्हें मंडल की बैठक में नहीं बुलाया जाता। अनुराग ठाकुर का भी डेढ़ महीने पहले फोन आया था, उनसे भी अपनी बात की।

कौंडल बोले कि इसके बावजूद वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं। वोट पार्टी को ही डालेंगे। प्रचार के लिए कोई बुलाएंगे तो ठीक है। अभी किसी ने नहीं बुलाया तो घर बैठे हैं और अपने पशुओं की रखवाली कर रहे हैं।
 

मैं सबसे विनम्रता से करता हूं बात : कटवाल

कौंडल बोले कि वह पांच बार विधायक रहते हुए दो बार डिप्टी स्पीकर और एक बार मंत्री रहे हैं। अब उन्हें अपमानित होना पड़ रहा है।  रिखीराम कौंडल ने कहा कि जब उनका टिकट कटा तो उन्हें कांग्रेस का ऑफर आया था कि वह भी राजेंद्र राणा की तरह भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो जाएं, मगर तब उन्हें केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने समझाया कि ऐसा करने की जरूरत नहीं है और बाद में इसे कंपेनसेट किया जाएगा।

मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ। आज भी वह भाजपा में बने हुए हैं। भाजपा छोड़ने का सवाल ही नहीं पैदा होता। रिखीराम कौंडल की ओर से लगाए गए अपमानित करने के आरोप पर भाजपा विधायक जेआर कटवाल ने बताया कि वह इस बारे में केवल इतना ही कहना चाहते हैं कि वह सबसे विनम्रता से बात करते हैं। लोग उनके स्वभाव से परिचित हैं।   

 
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भाजपा में कहां-कहां से आई बगावत की बू

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सुरेश चंदेल : हमीरपुर से भाजपा से तीन बार सांसद रह चुके सुरेश चंदेल हमीरपुर से टिकट चाह रहे हैं। उनके कांग्रेस से संपर्क में होने की चर्चा है।

रिखीराम कौंडल : पूर्व मंत्री, डिप्टी स्पीकर रह चुके रिखीराम कौंडल भी भाजपा का प्रचार छोड़कर घर में बैठ गए हैं। उनका विधानसभा चुनाव में टिकट कट गया था। वह पार्टी में अनदेखी से नाराज हैं। 

महेश्वर सिंह : मंडी से भाजपा से तीन बार सांसद रह चुके महेश्वर सिंह खुद के लिए टिकट मांग रहे हैं। वह पिछले दिनों दिल्ली भी गए। महेश्वर सिंह एक बार पहले भी भाजपा छोड़कर अपनी पार्टी हिलोपा बना चुके हैं, मगर अभी उन्होंने अपनी अगली रणनीति के पत्ते नहीं खोले।

ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर : मंडी से बिग्रेडियर खुशाल सिंह भी सांसद रामस्वरूप शर्मा के स्थान पर अपने लिए टिकट मांग रहे हैं। 

एचएन कश्यप : शिमला संसदीय सीट से वर्ष 2004 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ चुके एचएन कश्यप इस बार भी फील्ड में डटे हैं। उन्होंने प्रदेश भाजपा की कोर कमेटी में शिमला के सांसद का पैनल में नाम हाईकमान को भेजने के फैसले पर ही सवाल खड़ा कर दिया है। कश्यप का कहना है कि खुद सांसदों ने कोर कमेटी में बैठकर अपने नाम तय किए। 
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