जलसंकट के बीच राजधानी में टैंकरों की मांग बढ़ी
राजधानी में गहराए जलसंकट के बीच टैंकरों से पानी देने की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। पेयजल कंपनी के पास बुधवार को शहरभर से टैंकर से पानी भेजने की 42 जगह से मांग आई। अभी तक रोजाना 25 से 30 टैंकरों की मांग कंपनी को मिल रही थी। कंपनी के अनुसार सीएम हेल्पलाइन नंबर कार्यालय टुटीकंडी, उपायुक्त कार्यालय, एसडीए परिसर कसुम्पटी, पूर्व सीएम जयराम ठाकुर समेत 24 सरकारी कार्यालयों से टैंकर की मांग पहुंची थी। इसके अलावा चुनाव में तैनात कर्मचारियों के लिए भी आठ टैंकर भेजे हैं। कंपनी का कहना है कि अभी निजी भवनों के लिए टैंकर से पानी नहीं दिया जा रहा है। सिर्फ सरकारी दफ्तरों, बड़े संस्थानों को ही टैंकर भेजे जा रहे हैं। कंपनी की परेशानी यह है कि पानी की आपूर्ति देने के लिए सिर्फ चार ही टैंकर उपलब्ध है। इससे आधी मांगें ही पूरी हो पा रही हैं। सार्वजनिक शौचालयों को भी कंपनी टैंकरों से पानी दे रही है।
बदली जाएगी गुम्मा की पुरानी लाइन : मेयर
नगर निगम महापौर सुरेंद्र चौहान ने कहा कि गुम्मा पेयजल परियोजना की 102 साल पुरानी पाइप लाइन को बदला जा रहा है। नई लाइन बिछने से अब लीकेज के कारण पानी की बर्बादी नहीं होगी। पहले चरण में करीब चार करोड़ रुपये की लागत से नई पाइप लाइन बिछाई जा रही है। महापौर ने कंपनी के अधिकारियों से भी इस काम की रिपोर्ट ली। महापौर ने कहा कि शहरवासियों को नियमित आपूर्ति देने का प्रयास चल रहा है लेकिन परियोजनाओं में जलस्तर घटने से परेशानी आ रही है। कंपनी को पानी की लिफ्टिंग बढ़ाने, लीकेज रोकने के हरसंभव प्रयास करने के निर्देश दिए हैं।