हिमाचल प्रदेश में क्षय रोग (टीबी) के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन यह बीमारी अब भी सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। ताजा आंकड़ों के अनुसार राज्य में टीबी मरीजों की संख्या में कमी आई है, वहीं मौतों के आंकड़े भी घटे हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022 में प्रदेश में लगभग 15,760 टीबी मरीज दर्ज किए गए थे, वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 15,264, 2024 में 15,461 और वर्ष 2025 में यह आंकड़ा घटकर 14653 पहुंचा है। इससे स्पष्ट है कि राज्य में टीबी के मामलों में धीरे-धीरे गिरावट आ रही है।
मृत्यु दर की बात करें तो वर्ष 2023 में टीबी से करीब 904 मरीजों की मौत हुई थी, जबकि वर्ष 2024 में सितंबर तक यह आंकड़ा घटकर लगभग 610 रह गया है। हालांकि, मौतों में कमी आई है, लेकिन यह संख्या अब भी चिंता का विषय बनी हुई है। वर्ष 2023 में भी हजारों मरीजों ने उपचार के बाद बीमारी पर काबू पाया। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि उपचार सफलता दर लगातार बेहतर हो रही है। टीबी की पहचान के लिए जांच व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। प्रदेश में प्रति लाख आबादी पर लगभग 4,799 लोगों की जांच की जा रही है, जो राष्ट्रीय औसत से बेहतर मानी जा रही है।