फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पर्यावरण दिवस 2020: हिमाचल के सबसे दूषित शहरों की श्रेणी से डमटाल बाहर

Fri, 05 Jun 2020 02:05 PM IST
अरविन्द ठाकुर विपिन चौधरी, अमर उजाला नेटवर्क, धर्मशाला
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन

प्रदेश के सबसे ज्यादा प्रदूषित आठ शहरों में शामिल जिला कांगड़ा का डमटाल क्षेत्र अब इससे बाहर हो गया है। लॉकडाउन के कारण पर्यावरण में काफी बदलाव आया है, जिसका लाभ अब औद्योगिक कस्बा डमटाल को नॉन एटेनमेंट सिटी से बाहर निकलने में मिला है। मौजूदा समय में क्षेत्र की वायु अब संतोषजनक पाई गई है। लॉकडाउन का असर हवा और पानी में काफी हद तक देखने को मिला है।

विज्ञापन


वाहनों और औद्योगिक इकाइयों के न चलने के कारण इस बार वायु प्रदूषण नाममात्र हुआ है, जिससे जिला की हवा में काफी स्वच्छता पाई गई है। इसके अलावा नदी-नालों में डाले जाने वाले कूड़े-कचरे में भी कमी आई है, जिसके चलते पानी में पाई जाने वाली घुलनशील ऑक्सीजन (डीओ) में बढ़ोतरी हुई है, जबकि बीओडी में कमी आई है, जोकि पर्यावरण के हिसाब से एक अच्छा संकेत है।

एनजीटी ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के बद्दी, नालागढ़, परवाणू, कांगड़ा जिला के डमटाल, सिरमौर जिला के कालाअंब, पांवटा साहिब, मंडी जिले के सुंदरनगर और ऊना जिले के औद्योगिक क्षेत्रों को सबसे अधिक प्रदूषित शहरों की सूची में रखा था। 
विज्ञापन


प्रदेश के सबसे प्रदूषित आठ शहरों में शामिल जिला कांगड़ा का डमटाल क्षेत्र इस श्रेणी से बाहर हो गया है। लॉकडाउन के कारण वाहन और औद्योगिक इकाइयों के न चलने का लाभ मिला है। प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड ने हर माह पानी और हवा के सैंपल लिए हैं, जिसमें काफी अच्छे संकेत मिले हैं। - डॉ. आरके नड्डा, वरिष्ठ पर्यावरण अभियंता, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कांगड़ा।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें