पठानकोट आतंकी हमले और वर्तमान में पाकिस्तान-चीन के साथ बिगड़ते संबंधों के बाद दोनों पड़ोसी देशों को रणनीतिक रूप से साधने के लिए कांगड़ा एयरपोर्ट में वायुसेना का एयरबेस बनाने को लेकर रविवार से ही वर्कआउट शुरू हो गया है। शनिवार को कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के लिए हाई लेवल मीटिंग में जिला प्रशासन को एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया, सेना और वायुसेना की ओर से सौंपे गए प्रस्ताव पर काम शुरू हो गया है।
मांगी गई जमीन पर जिला प्रशासन संभावनाएं तलाशने में जुट गया है। जिला प्रशासन को वर्क आउट कर चार-पांच दिन के भीतर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजना है। प्रस्ताव में एएआई, वायुसेना और सेना ने करीब 568 हेक्टेयर जमीन कांगड़ा एयरपोर्ट में ही मांगी है। ऐसे में प्रशासन सरकारी जमीन के साथ निजी जमीन तलाश रहा है।
उच्च अधिकारियों ने हाई लेवल मीटिंग के बाद अधीनस्थ कर्मचारियों को वर्क आउट करने के आदेश जारी कर दिए हैं। डीसी कांगड़ा सीपी वर्मा ने कहा कि चार या पांच दिन के भीतर वर्क आउट कर प्रस्ताव को भारत सरकार को भेज दिया जाएगा। कांगड़ा एयरपोर्ट से सटे सनौरा, कुठमां, ढुगियारी, गगल, बैदी और इच्छी आदि करीब आधा दर्जन गांवों में भूमि अधिग्रहण को लेकर हड़कंप मच गया है।
गौरतलब है कि एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर भूमि अधिग्रहण का डर इन गांवों के लोगों में पिछले डेढ़ दशक से सता रहा है। हर बार कुछ अंतराल बाद एयरपोर्ट विस्तारीकरण को लेकर बातें चलती हैं और इन गांवों के लोगों की रात की नींद और दिन का चैन उड़ जाता है।