उद्योग मंत्री बिक्रम ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से नियोक्ता और कर्मचारी के पीएफ अंशदान के भुगतान की योजना को तीन महीने के लिए बढ़ाने से प्रदेश में उद्योगों में कार्यरत 99 हजार से अधिक कामगारों को लाभ मिलेगा। हिमाचल के उद्योग इससे लाभान्वित होंगे। केंद्र सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए उद्योग मंत्री ने कहा कि कोविड 19 के दृष्टिगत जो एमएसएमई उद्यमी प्रभावित हुए हैं। उनको आत्मनिर्भर भारत योजना के अंतर्गत राहत देने के लिए कोलेटरल मुक्त ऑटोमेटिक ऋण प्रदान करने के लिए अब तक का सबसे बड़ा तीन लाख करोड़ रुपये का वित्तीय पैकेज घोषित किया गया है।
अब तक हिमाचल प्रदेश में कार्यरत बैंकों की ओर से एमएसएमई उद्यमियों को लगभग 1250 करोड़ रुपये का ऋण आर्थिक पैकेज के अंतर्गत वितरित किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि हिमाचल में लगभग 2000 करोड़ तक का ऋण आपातकालीन क्रेडिट लाइन गारंटी योजना में उद्यमियों को वितरित किया जाएगा। दबाव का सामना करने के लिए 20 हजार करोड़ की क्रेडिट गारंटी योजना शुरू की गई है। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा के महामंत्री और मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल और प्रदेश भाजपा के सह मीडिया प्रभारी कर्ण नंदा भी मौजूद रहे।