केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने आईआईएससी, आईआईटी, आईआईआईटी, आईआईएसईआर और एनआईटी के निदेशकों के साथ गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोविड मामलों की स्थिति और उनसे उत्पन्न परिस्थितियों से निपटने के लिए बैठक की।
उन्होंने देशभर के संस्थानों के मुखिया को कोविड-19 से निपटने के लिए अनुसंधान कार्य पर जोर देने के निर्देश दिए। कहा कि तकनीकी संस्थान अनुसंधान कार्य के माध्यम से वेंटिलेटर, पल्स ऑक्सीमीटर, सैनिटाइजर और ऑक्सीजन प्लांट मशीनरी समेत अन्य महत्वपूर्ण उपकरण तैयार करने में अहम योगदान दे सकते हैं।
विद्यार्थियों और आम जनता के बीच पहुंच कर कोरोना पर जागरूकता पैदा करने को उचित कदम उठाएं। एनआईटी हमीरपुर के कार्यकारी निदेशक प्रो. ललित अवस्थी ने बताया कि संक्रमित छात्र-छात्राओं के लिए प्रोटोकाल के अनुसार परिसर में अलग-अलग आइसोलेशन की सुविधा दी गई है।
प्रतिदिन सोडियम हाइपोक्लोराइट से सैनिटाइजेशन किया जा रहा है। परिसर में जागरूकता पर बैनर लगाए गए हैं। ऑनलाइन व्याख्यान/एसओपी से जागरूक किया जा रहा है। शैक्षणिक गतिविधियां जारी रखने को कदम उठाए गए हैं। गूगल मीट, गूगल क्लासरूम के माध्यम से संस्थान की समयसारिणी के अनुसार ऑनलाइन कक्षाएं लगाई जा रही हैं।
मध्य सेमेस्टर और अंत सेमेस्टर परीक्षाएं ऑनलाइन मोड से करवाई जा रही हैं। प्रयोगशाला पाठ्यक्रम वीडियो प्रदर्शन, ऑनलाइन असाइनमेंट की सहायता से ऑनलाइन माध्यम से संचालित किए जा रहे हैं। यूजी, पीजी और पीएचडी छात्रों की अन्य शैक्षणिक गतिविधियों सहित कक्षा के काम को निलंबित कर दिया गया है।
सभी शिक्षण कार्य ऑनलाइन माध्यम से ‘घर से काम’ के रूप में किए जा रहे हैं। गैर शैक्षणिक स्टाफ को रोटेशन पर ड्यूटी पर बुलाया जा रहा था। निदेशक ने ऑनलाइन कक्षाओं/व्याख्यानों और परीक्षाओं के संबंध में कक्षा प्रतिनिधियों और अन्य लोगों के साथ ऑनलाइन बैठक की। जिला प्रशासन हमीरपुर की मांग पर हॉस्टल, संस्थान अतिथि गृह और वाहन उपलब्ध करवाए गए हैं।