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Renukaji Dam Project: राम सुभग बोले- रेणुकाजी बांध का जल्द शुरू होगा काम, इसी साल पानी का डायवर्सन कार्य

Fri, 06 Jan 2023 09:31 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, नाहन (सिरमौर)

सार

विशेष मुख्य सचिव बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा राम सुभग सिंह ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली की प्यास बुझाने के मकसद से सिरमौर जिले में गिरि नदी पर प्रस्तावित रेणुका जी बांध परियोजना का कार्य जल्द ही शुरू होगा। 
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विद्युत परियोजना की प्रगति समीक्षा बैठक - फोटो : संवाद
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विस्तार
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विशेष मुख्य सचिव बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा राम सुभग सिंह ने कहा कि देश की राजधानी दिल्ली की प्यास बुझाने के मकसद से सिरमौर जिले में गिरि नदी पर प्रस्तावित रेणुका जी बांध परियोजना का कार्य जल्द ही शुरू होगा। इसी साल पानी डायवर्सन का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा। बांध से जुड़े विस्थापन, पुनर्वास आदि सभी मुद्दों पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा ताकि शीघ्र ही बांध का कार्य शुरू करवाया जा सके। शुक्रवार को उपायुक्त कार्यालय सभागार में प्रदेश में पन विद्युत परियोजना की प्रगति समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विशेष मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 2025 तक पूरी तरह से हरित ऊर्जा राज्य बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए ठोस प्रयास करने की आवश्यकता है। इसके लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ सौर ऊर्जा की ओर बढ़ना होगा। हरित ऊर्जा राज्य की परिकल्पना को साकार करने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा। बैठक में रेणुका बांध परियोजना पर प्रस्तुति देते हुए महाप्रबंधक एमके कपूर ने विशेष मुख्य सचिव को अवगत करवाया कि यमुना नदी की सहायक नदी गिरि पर इस परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया जोरों पर है। वर्ष 2018 में परियोजना का प्राक्कलन 6,947 करोड़ रुपये का है।

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इसमें पानी की आपूर्ति पर 6,647.46 करोड़, जबकि बिजली पर 299 करोड़ रुपये की लागत शामिल है। परियोजना परिव्यय का 90 प्रतिशत केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।  ये 148 मीटर ऊंचा बांध बनेगा। इसमें 1508 हेक्टेयर क्षेत्र जलमग्न होगा। यहां 24 किलोमीटर लंबी झील बनेगी। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य कर लिया है। कुल 2,800 करोड़ भूमि अधिग्रहण के एवज में देय है। इसमें से 1,000 करोड़ रुपये प्रभावित परिवारों को वितरित किए जा चुके हैं। 630 करोड़ की राशि वन विभाग को दी जानी है। परियोजना से क्षेत्र की 20 पंचायतों के 41 गांव और 7,000 की आबादी प्रभावित होगी। जबकि 346 परिवार बेघर हो रहे हैं। बैठक में निदेशक ऊर्जा हरीकेश मीणा भी विशेष रूप से मौजूद रहे। इससे पूर्व उपायुक्त सिरमौर आरके गौतम ने विशेष मुख्य सचिव का स्वागत किया और रेणुका बांध परियोजना के प्रभावित परिवारों के पुनर्वास व मुआवजे के संबंध में जानकारी साझा की। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त मनेश यादव, सहायक आयुक्त मुकेश, महाप्रबंधक नितिन गर्ग, मुख्य अभियंता अनिल गौतम सहित विद्युत बोर्ड, पावर कार्पोरेशन, बीबीएमबी व एमटीएनएल के अभियंता व वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। 

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देश की जल विद्युत ऊर्जा में हिमाचल का 23 प्रतिशत हिस्सा : मीणा 

 हिमाचल प्रदेश में 11,145 मेगावाट की 171 जल विद्युत परियोजनाएं विद्यमान हैं। यह देश की जल विद्युत ऊर्जा का 23 प्रतिशत हिस्सा है। जल विद्युत ऊर्जा में प्रदेश देश में बड़ी भागीदारी सुनिश्चित कर रहा है। निदेशक ऊर्जा हरीकेश मीणा ने शुक्रवार को जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित बैठक में जल विद्युत परियोजनाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 53 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। पांच मेगावाट तक की 95 परियोजनाएं कार्य कर रही हैं। उन्होंने अवगत करवाया कि वर्ष 2023-24 के दौरान 1000 मेगावाट की परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी। इनमें 800 मेगावाट की पार्वती जल विद्युत परियोजना, 150 मेगावाट की टिडोंग, 25 मेगावाट की लुंबाडिग और 24 मेगावाट की सिटीमरंग परियोजनाएं शामिल हैं। वर्ष 2025 तक 2425 मेगावाट की परियोजनाओं को, जबकि 2027 के बाद 5200 मेगावाट की परियोजनाओं को पूरा कर दिया जाएगा। निदेशक ने बताया कि सरकार ने पंप स्टोरेज प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं और सार्वजनिक क्षेत्र सीमित में अभी तक कुल 8500 मेगावाट के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें एसजेवीएनएल से 2570 मेगावाट, एनटीपीसी से 2400 मेगावाट, बीबीएमबी से 1800 मेगावाट और एचपीसीएल से 1730 मेगावाट के प्रस्ताव शामिल हैं। निजी क्षेत्र से लभग 2000 मेगावाट के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं और ये प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2022 तक राज्य का विद्युत राजस्व 1302 करोड़ रुपये रहा, जिसे 2027 तक 13,687 करोड़ तक पहुंचाने का लक्ष्य है। अगले पांच सालों में 500 मेगावाट सौर ऊर्जा का भी लक्ष्य रखा गया है।


शौंगटोंग कड़छम परियोजना 2026 तक होगी पूरी 
बैठक में 450 मैगावाट की शौंगटोंग कड़छम और काशंग परियोजनाओं की प्रगति पर भी प्रस्तुति दी गई। शौंगटोंग कड़छम परियोजना के निर्माण पर 1700 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। 44 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। यह परियोजना जुलाई 2026 तक पूरी होगी। इसी प्रकार 130 मेगावाट की काशंग चरण दो व तीन परियोजना का प्राक्कलन 365 करोड़ रुपये का है और अभी तक 349 करोड़ खर्च हो चुके हैं। यह परियोजना भी जून 2026 तक बनकर तैयार हो जाएगी।
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