करीब एक दशक पहले छुआछूत की बीमारी से ग्रस्त जिला कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र छोटा भंगाल की मुल्थान तहसील के पोलिंग गांव में महिलाओं ने शराब पर बैन लगा दिया है। गांव में अगर कोई शराब पीता हुआ पाया गया तो उसे दस हजार रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। 1300 की आबादी वाले गांव की महिलाएं तीन महीने से गांव के तीनों वार्डों में नशामुक्ति अभियान चलाए हैं। इन्होंने पहले गांव में भांग उखाड़ी। अब शराब पर बैन लगा दिया है।
इस मुहिम में पुरुष और पंचायत प्रधान भी सहयोग कर रहे हैं। जेदेव महिला मंडल की करीब 200 महिलाएं इस अभियान को सफल बनाने में जुटी हैं। तीनों वार्डों में कोई व्यक्ति शराब, लाहण निकालता, बेचता या पीता हुआ पाया जाता है तो उस पर 10 हजार रुपये जुर्माना लगाने की व्यवस्था की है। महिलाओं की मुहिम का असर यह हुआ है कि गांव में न तो शराब बेची जा रही है, न ही शराब निकाली जा रही है। न ही कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान या घर में शराब पी रहा है।
दुर्गम गांव पोलिंग में शराब पी तो दस हजार जुर्माना
जेदेव महिला मंडल पोलिंग की प्रधान बॉबी देवी, उपप्रधान गुड्डी देवी, हकी देवी, शकुंतला देवी, इंद्रा, भजी देवी, दयालु देवी, शांति देवी, गायत्री देवी, सरला देवी, विमला, लोभी देवी, निधि, तारा, नखरू, सुलेखा देवी, बिली देवी, सावित्री देवी और श्यामी देवी ने कहा कि महिलाओं ने गांव को भांग से नशा मुक्त किया था। अब शराब पर पाबंदी लगा दी है।
कहा कि पंचायत के दूसरे गांवों में भी महिला मंडलों के माध्यम से लोगों को नशा नहीं करने के बारे में जागरूक किया जा रहा है। महिलाओं लोहारड़ी पंचायत में भी खुले शराब ठेके के विरोध में उतर आई हैं। पंचायत प्रधान रूपलाल ने कहा कि गांव के तीनों वार्डों में शराब पर बैन लगा दिया है। शराब और लकड़ी की तस्करी पर 10 हजार जुर्माना रखा गया है।