एसडी सीनियर सेकंडरी स्कूल गंज बाजार में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को किया जागरूक
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अतिरिक्त महाधिवक्ता दिवाकर देव ने किया जागरूक संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। छात्राओं या महिलाओं के साथ किसी भी तरह का अपराध होने पर वह संबंधित थाने में शिकायत दर्ज करवाने के लिए बाध्य नहीं हैं। महिलाओं को राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के तहत यह अधिकार है कि वह बिना किसी क्षेत्राधिकार की परवाह किए देश के किसी भी पुलिस स्टेशन में अपने साथ हुए अपराध की शिकायत दर्ज करवा सकती हैं। पुलिस को इसे लेकर जीरो एफआईआर दर्ज करनी होगी। बाद में यह शिकायत संबंधित थाने को स्थानांतरित कर दी जाएगी।
अमर उजाला की ओर से मंगलवार को शहर के गंज बाजार स्थित एसडी सीनियर सेकंडरी स्कूल में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में छठी से 12वीं कक्षा तक की छात्राओं को यह जानकारी दी गई। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रदेश सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ता दिवाकर देव शर्मा ने छात्राओं को संविधान में महिलाओं के लिए निहित अधिकारों और कानूनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाओं को शिक्षा का अधिकार, समानता का अधिकार और पैतृक संपत्ति में समान अधिकार प्राप्त है। घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के बारे में भी जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि दहेज लेना या देना दंडनीय अपराध है। महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए कानूनों को और सख्त बनाया गया है। दिवाकर देव शर्मा ने छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के बारे में भी जानकारी दी। छात्राओं को कन्यादान, शगुन और सुख शिक्षा योजना जैसी सरकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई।
छात्राएं घर और समाज को भी करें जागरूक
छात्राएं घर और समाज में जागरूकता फैलाएं और अपने परिवार तथा दोस्तों के साथ महिला अधिकारों की जानकारी साझा करें। किसी भी उत्पीड़न या दुर्व्यवहार की घटना की शिकायत करें। किसी घटना या उत्पीड़न की स्थिति में पुलिस को सूचित करें। शिक्षकों को भी इसकी जानकारी दी जा सकती है। शिकायत मिलने पर दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। छात्राएं अपने अधिकारों को जानें, लेकिन उनका दुरुपयोग न करें। -विजय सिंह ठाकुर, प्रधानाचार्य, एसडी स्कूल
छात्राएं बोलीं, कानून की मिली जानकारी
नौवीं कक्षा की छात्रा प्रियांशी ने कहा कि कार्यक्रम में उन्हें कानूनों और अधिकारों की जानकारी मिली जो भविष्य में उनके लिए सहायक होगी। वह इस जानकारी को अपने दोस्तों और घरवालों के साथ भी साझा करेंगी।
बारहवीं कक्षा की छात्रा सृष्टि ने कहा कि कार्यक्रम में उन्हें महिलाओं की सहायता के लिए जारी हेल्पलाइन नंबरों, 1091 महिला हेल्पलाइन और 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन की जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में दी गई जानकारी उनके लिए काफी उपयोगी है। बारहवीं कक्षा की छात्रा चारु ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों में बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इस तरह के कार्यक्रम समय-समय पर और भी आयोजित किए जाने चाहिए। बारहवीं कक्षा की छात्रा नाशरा ने बताया कि कार्यक्रम में उन्हें महिलाओं से संबंधित कानूनों और उनके अधिकारों की जानकारी मिली। कार्यक्रम में कानूनों और अधिकारों के साथ महिलाओं के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई।