पांच दिन पहले ही खुला था ठेका
टोल बैरियर हटाने आए लोगों ने साथ लगते शराब के ठेके को भी बंद कर दिया। टोल बैरियर के साथ ही पांच दिन पहले शराब का ठेका खुला था। ठेका व टोल बैरियर हटाने वाले लोगों ने बताया कि उन्हें अपने प्रयासों से अपने खेत में जाने के लिए संपर्क मार्ग बनाए हैं। उन्हें सरकार की ओर से सड़क का कोई मुआवजा नहीं मिला है। यह सड़क लोगों की उपजाऊ जमीन से निकलती है। टोल बैरियर लगने से लोग अपने खेत में भी नहीं आ पाएंगे। यहां पर इससे पहले टोल बैरियर के ठेकेदार ने मधाला, कालूझिंडा व सूरजपुर के लोगों को छूट दी थी और उसके बदले में यहां के लोग बड़े वाहनों के यहां से जाने नहीं देते है, जिससे ठेकेदार को कोई नुकसान हो। महिलाओं को कहना है कि गांव के साथ शराब का ठेका होने से लोग नशेड़ी हो जाएंगे।