शव को गांव तक पहुंचाने के लिए भी परिजनों के पास पैसे नहीं थे। ऐसे में मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा का जिम्मा संभाल रहे निजी सुरक्षा कर्मियों और लोगों ने करीबन तीन हजार रुपये एकत्रित कर निजी वाहन से परिजनों को घर के लिए रवाना करवाया।
जल्द होगी दूसरी एंबुलेंस की व्यवस्था- मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉक्टर अनिल ओहरी ने बताया कि अस्पताल के पास एक ही एंबुलेंस मौजूद है। वह रात को कहीं गई थी। जल्द ही एक अन्य एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।