शिकायतकर्ताओं के मुताबिक इसके बाद वह जमीन की रजिस्ट्री करवाने के लिए महिला पटवारी रचना देवी से संपर्क करते रहे। मगर वह हर बार आनाकानी करती रही। इससे शिकायतकर्ताओं को शक हुआ। उन्होंने जमीन के मालिक का पता करवाया तो जानकारी मिली कि वह जमीन बेचना ही नहीं चाहता है।
यह सुनने के बाद उन्हें अपने साथ ही ठगी का पता चला। शिकायकर्ता दीपक ने बताया कि पैसे लेने के बाद महिला पटवारी एग्रीमेंट की कॉपी भी सत्यदेव से ले गई थी। इसके बाद उन्होंने वर्ष 2015 में मामले की लिखित शिकायत विजिलेंस में की। उन्होंने बताया कि मामला विजिलेंस में जाने पर महिला पटवारी ने दीपक को जिसने 5 लाख रुपये की रकम दी थी, उसे करीब ढाई लाख रुपये उसने लौटा दिए।
जबकि बाकि लोगों के पैसे नहीं मिल पाए हैं। इसके बाद विजिलेंस ने मामले की छानबीन शुरू की और तथ्य सामने आने के बाद महिला पटवारी के खिलाफ में धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर किया गया है। आईजी विजिलेंस अरविंद शारदा ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।