शहर के कसुम्पटी वार्ड की घटना, दोपहर के समय बंदरों ने किया हमला
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स्कूली छात्रा को भी बंदरों ने काटा, मौके पर बुलाई वन विभाग की टीम अमर उजाला ब्यूरो शिमला। राजधानी में लावारिस कुत्तों और बंदरों का उत्पात जारी है। शहर के कसुम्पटी वार्ड की जीवणू कॉलोनी में बंदरों ने शुक्रवार दोपहर के समय घर के लेंटर पर कपड़े सूखा रही एक महिला पर हमला कर दिया।
बंदरों को अपनी ओर आता देख महिला ने एक मंजिला मकान के लेंटर से सामने खाली पड़ी जमीन पर छलांग लगा दी। इससे महिला बंदरों के हमले से तो बच गई लेकिन पैर में फ्रैक्चर हो गया। बाद में स्थानीय अस्पताल में जाकर उपचार करवाना पड़ा। स्थानीय पार्षद रचना शर्मा ने बताया कि जीवणू कॉलोनी में 32 वर्षीय नीरू मस्ता पर अचानक बंदरों ने हमला कर दिया। इसी वार्ड के परिमहल में शाम के समय बंदरों ने एक स्कूली छात्रा को भी लहूलुहान कर दिया। पार्षद ने तुरंत वन विभाग से इसकी शिकायत की। उन्होंने कहा कि बंदरों के आतंक के कारण कसुम्पटी की रिहायशी कॉलोनियों में लोग परेशान हैं। बीते कुछ दिन से लगातार बंदर उग्र होकर हमले कर रहे हैं। पार्षद ने विभाग की टीम को शुक्रवार शाम को मौके पर बुलाया और यहां बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरे लगाने की मांग की। पार्षद ने कहा कि वन विभाग को अब बंदरों की नसबंदी के लिए पैसा नहीं मिल रहा है। ऐसे में अब नगर निगम के साथ मिलकर इस बारे में कदम उठाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
बंदर के हमले से युवक को आई गंभीर चोटें
शहर के अपर ढली वार्ड में वीरवार शाम बंदरों के हमले से घायल हुए युवक अंशुल के सिर पर गंभीर चोटें लगी हैं। इसका आईजीएमसी अस्पताल में उपचार चल रहा है। पार्षद कमलेश मेहता ने शुक्रवार को युवक के पिता से बात की। पिता ने बताया कि बेटे के सिर पर चोटें हैं। राहत यह है कि वह खतरे से बाहर है और उसका उपचार चल रहा है। शहर में पिछले दो महीने से लगातार कुत्तों और बंदरों के हमले बढ़े हैं। इससे शहरवासी दहशत में हैं।