चंबा के किलाड़ अस्पताल में उपचाराधीन महिला।
- फोटो : संवाद
सिविल अस्पताल किलाड़ से चार दिन पहले रेफर गर्भवती महिला को हेलिकॉप्टर सुविधा न मिलने से विशेषज्ञ चिकित्सक से वीडियो कॉल कर डॉक्टरों ने महिला का समय से पहले सफल प्रसव करवाया। किलाड़ अस्पताल में ही तीन चिकित्सकों ने अन्य स्टाफ के साथ चार घंटे के बाद यह कामयाबी पाई। दरअसल, महिला का ब्लड प्रेशर बहुत बढ़ गया था और बच्चे के दिल की धड़कन भी रुक रही थी।
ऐसे में डॉक्टरों ने गर्भवती महिला के परिजनों के साथ चर्चा कर किलाड़ में ही प्रसव करवाने का निर्णय लिया। टांडा मेडिकल कॉलेज कांगड़ा से महिला रोग विशेषज्ञ वीडियो कॉल पर चिकित्सकों के संपर्क में रहीं। अब जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। इससे पहले महिला रोग विशेषज्ञ ने महिला की रिपोर्ट देखकर चिकित्सकों को सलाह दी थी कि उन्हें पांगी से बाहर निकाला जाए, क्योंकि इस तरह के प्रसव में जान के लिए खतरा है।
गर्भवती महिला के लिए प्रसव की तारीख 27 फरवरी दी गई थी। महिला का ब्लड प्रेशर 200 के अधिक हो गया था। गर्भ में पल रहे बच्चे के दिल की धड़कन भी रुक रही थी। महिला विशेषज्ञ से इलाज की आवश्यकता थी, लेकिन बर्फबारी के चलते पांगी घाटी के देश, दुनिया से कटा होने के कारण महिला को बाहर नहीं भेजा जा सका।
खंड चिकित्सा अधिकारी ने प्रशासन से महिला के लिए हेलिकॉप्टर की मांग की थी। जब हेलिकॉप्टर नहीं उपलब्ध हुआ तो चिकित्सकों ने महिला के परिजनों से चर्चा कर किलाड़ अस्पताल में प्रसव करवाने का फैसला लिया। जच्चा और बच्चा किलाड़ अस्पताल में ही भर्ती हैं। चिकित्सकों में डॉ. विशाल शर्मा, डॉ. मनीष, डॉ. सुमित और स्टाफ नर्स रीता शामिल रहे।
चार दिन पहले गर्भवती को अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। महिला का ब्लड प्रेशर 200 के अधिक था। इसलिए उसे यहां से रेफर किया गया था, लेकिन हेलिकॉप्टर सेवा नहीं मिलने से महिला की तबीयत ज्यादा खराब हो रही थी। इसके चलते रविवार को ऑनलाइन महिला विशेषज्ञ से परामर्श लेकर महिला को किलाड़ अस्पताल में प्रसव करवाया गया। अब महिला और बच्चा सुरक्षित हैं।
- सुभाष चौहान, खंड चिकित्सा अधिकारी, पांगी