पूर्व फौजी की पत्नी और फौजी बेटे की मां कमला देवी जंगल की आग से जल रही अपनी घासनी को बचाने के प्रयास में जिंदगी से हाथ धो बैठी, वहीं वन विभाग इस परिवार को मुआवजे से इंकार कर रहा है। वन विभाग का कहना है कि वनों की आग बुझाने से झुलसने के बाद मरने वालों के परिजनों को मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है। शुक्रवार को ठारू के जंगल में लगी आग कमला के घर तक पहुंची और महिला ने अपने घर को आग से बचाने का प्रयास किया।
इस दौरान घास को लगी आग की चपेट में आकर बुरी तरह से झुलस गई। आग में झुलसने के तुरंत बाद चालीस वर्षीय कमला देवी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इससे भी अधिक दुखद पहलू यह है कि वन विभाग के अधिकारी अभी तक यह मानने को तैयार नहीं है कि कमला की मौत जंगल में लगी आग से हुई है।
यह आग फैलकर कमला के बगीचे और घर के पास पहुंच गई थी। इस दौरान उनके परिवार के अन्य सदस्य धर्मसेन (कमला देवी के जेठ) और गीता देवी उर्फ गुड्डी ( धर्मसेन की भाभी) तीनों आग बुझाते हुए बुरी तरह से झुलसे।
धर्मसेन को गंभीर अवस्था में खनेरी से तत्काल शिमला आईजीएमसी रेफर किया गया गया है। जबकि गीता देवी पंद्रह फीसदी तक झुलती है और उसका उपचार खनेरी अस्पताल में चल रहा है। गीता सहित अन्य ग्रामीण अभी भी जंगल की आग से बुरी तरह से घबराए हुए हैं। गांव के प्रधान मोहन लाल कहते हैं कि अभी तक क्षेत्र में जंगल की आग बुझी नहीं है। ऊंची लपटें उठ रही हैं और यह फैलकर पहाड़ के दूसरी ओर पहुंच चुकी हैं।
मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं: डीएफओ
एक ही परिवार के तीन लोग वन की आग से झुलसे हैं। प्रशासन ने घायलों को भले ही पांच-पांच हजार की फौरी राहत दे दी है पर मृतक के परिजनों को मुआवजा कौन देगा, यह सवाल उठ रहा है। वन विभाग के अधिकारी अपना पल्लू झाड़ते हुए दलीलें देकर जिम्मेवारी से बचने का प्रयास कर रहे हैं।
रामपुर क्षेत्र के डीएफओ अमित शर्मा ने कहा कि महिला की मौत घास के कंडे की आग बुझाते हुए हुई है। माना कि जंगल की आग से घास जली हैं। उनको शुक्रवार की सुबह 12 बजे सूचना मिली थी। इसके बाद वन अधिकारियों और कर्मचारियों को मौके पर भेज दिया था। उनका कहना है कि वनों की आग बुझाने से झुलसने के बाद मरने वालों के परिजनों को मुआवजा देने का कोई प्रावधान नहीं है।
आग से 10 हेक्टेयर वन भूमि में नुकसान- रामपुर के डीएफओ अमित शर्मा ने कहा कि ननखड़ी की चड़ी बीट में करीब पांच हेक्टेयर प्लांटेशन प्रभावित हुई है। इस आग से गाउंड फायर के कारण यह नुकसान हुआ है। इस आग से कुल कितना नुकसान हुआ है इसका आंकलन करने के बाद ही नुकसान का बारे में विस्तार से बताया जा सकता है।
चार किलोमीटर क्षेत्र में फैल गई जंगल की आग
शिमला के ननखड़ी क्षेत्र में ठारू के जंगल में शुक्रवार को करीब चार किलोमीटर क्षेत्र में फैली आग पर शनिवार को भी काबू नहीं पाया जा सका। इससे लाखों की वन संपदा भी राख हो गई है। बताया जा रहा है कि यह आग चार गांवों के आसपास फैली थी। हालांकि, अग्निशमन विभाग का कहना है कि आग पर काबू पा लिया गया है और रिहायशी एरिया को बचा लिया है।
वहीं तरांगना पंचायत प्रधान मोहन लाल ने बताया कि आग अभी पूरी तरह से बुझ नहीं पाई है। इस अग्निकांड से यहां लोगों के सेब के बगीचे राख हो गए वहीं आग बुझाते एक महिला कमला देवी को जिंदगी से हाथ धोना पड़ा और उसके जेठ-जेठानी बुरी तरह झुलस गए।
गंभीर रूप में घायल जेठ धर्मसिंह आईजीएमसी में उपचाराधीन है। गंभीर घायल महिला रामपुर के खनेरी अस्पताल में दाखिल है। बताया जा रहा है कि जंगल की आग की लपटें पचास फीट ऊंची पहुंच गईं। हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल रहा।
बुरी तरह से डरे हुए थे आसपास के गांवों के लोग
गांव के लोग देर रात जंगल की आग बुझाने में जुटे रहे। ठारू के जंगल में लगी आग अब यह शोली पंचायत के शनार तक पहुंच गई है। ननखड़ी क्षेत्र के ठारू के जंगल में शुक्रवार को दोपहर बाद आग फैलनी शुरू हुई थी और जो करीब चार किलोमीटर तक फैली।
आग के फैलने के बाद आसपास के गांवों के लोग बुरी तरह से भयभीत थे। अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो चारों ओर जंगल की आग फैली हुई थी। घरों के आसपास रखे घास के कंडे भी आग की चपेट में आ गए थे। इन कंडों को बचाने के लिए गांव के लोग भी जुटे रहे।
तरांगना पंचायत प्रधान मोहन लाल ने बताया कि पुलिस को दोपहर बाद आग की सूचना दी गई थी। अग्निशमन की गाड़ी भी देरी से पहुंची। आग पर समय रहते काबू पाया जाता तो यह सड़क क्रास नहीं कर सकती थी। सूखे के कारण आग ज्यादा फैली। सेब के बगीचे तबाह हुए हैं। महिला के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए ननखड़ी से जाया गया था।
उनका कहना है कि वन विभाग का एक गार्ड आया था परंतु आग बेकाबू देख वह भी नदारद हो गया। गांव के लोग अपने घरों के बचाने के लिए टोलियों में जुटे रहे। अग्निशमन विभाग के अधिकारी केशव राम नेगी ने कहा कि आग की सूचना मिलते ही गाड़ियां मौके पर भेज दी थी और रात 11:35 बजे गाड़ियां वापस आई थीं।