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Mandi Shivratri: छोटी काशी मंडी में देव आस्था का महा समागम 9 मार्च से, बड़ादेव कमरूनाग का हुआ आगमन

Thu, 07 Mar 2024 07:30 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, मंडी

सार

 अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2024 का विधिवत आगाज 9 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू श्री राम माधव जी की शोभायात्रा की अगुवाई के उपरांत पड्डल मैदान में करेंगे
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छोटी काशी पहुंचे बड़ादेव कमरूनाग - फोटो : संवाद
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विस्तार
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मंगलमयी देव ध्वनियों की अनुगूंज के मध्य बड़ादेव कमरूनाग के शुभ आगमन के साथ मंडी नगर में देव आस्था के महासमागम शिवरात्रि मेला-2024 के अनुष्ठान आरंभ हो गए। मेले में सम्मिलित होने के लिए बड़ादेव कमरूनाग गुरुवार को मंडी पधारे। हालांकि अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव 2024 का विधिवत आगाज 9 मार्च को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू श्री राम माधव जी की शोभायात्रा की अगुवाई के उपरांत पड्डल मैदान में करेंगे। 15 मार्च को समापन समारोह की अध्यक्षता राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल करेंगे। वह समापन अवसर पर शोभायात्रा यानि जलेब में शिरकत करेंगे।

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इसके अलावा मध्य जलेब 12 मार्च को निकाली जाएगी। इन जलेब में देवी-देवताओं के साथ देवलु भी शामिल होंगे। कुल छह सांस्कृतिक संध्याओं में प्रसिद्ध पहाड़ी, हिंदी और पंजाबी कलाकार धमाल मचा कर लोगों का मनोरंजन करेंगे। पहली सांस्कृतिक संध्या में हंसराज रघुवंशी और कुमार साहिल मुख्य आकर्षण हैं। दूसरी संध्या में ममता भारद्वाज, लमन बैंड और ईशांत भारद्वाज, तीसरी में सुनील राणा, अरिन व अर्शप्रीत और अख्तर ब्रदर्स धमाल मचाएंगे। इसके अलावा चौथी संध्या में सारेगामापा लिटिल चैम्प फेम पायल ठाकुर, गीता भारद्वाज और शिल्पा सरोच दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। पांचवीं सांस्कृतिक संध्या में एसी भारद्वाज, जस्सी गिल और बब्बल राय पहाड़ी व पंजाबी गानों का जलवा बिखेंरेंगे। अंतिम संध्या में अनुज शर्मा और पुलिस बैंड हारमनी और पाईन्स के नाम रहेगी।

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बड़ा देव कमरूनाग के शहर में आते ही बारिश
 अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव को लेकर बड़ा देव कमरूनाग के वीरवार को शहर में पहुंचते ही छाेटी काशी ढोल-नगाड़ों और वाद्ययंत्रों से गूंज उठी। अपने स्थल से 29 फरवरी को देवलुओं संग रवाना हुए बड़ा देव कमरूनाग 90 किलोमीटर के पैदल सफर के बाद वीरवार दोपहर दो बजे पुलघराट पहुंचे। शहर में पहुंचने पर मौसम ने भी करवट ली और आसमान में काली घटा छा गई। मौसम को देख ऐसा लगा मानो शाम हो गई हो। पुलघराट में सर्व देवता समिति के अध्यक्ष शिवपाल व पदाधिकारियों ने उनका स्वागत पूजा-अर्चना के साथ किया। इस दौरान मौसम भी बारिश वाला बना रहा। करीब पौने तीन बजे बड़ा देव कमरूनाग बजतंरियों के साथ शहर पहुंचे तो हल्की बारिश शुरू हो गई। इसके बावजूद हजारों लोग उनके आगे नतमस्तक हुए। परंपरा के अनुसार बारिश को शहर की शुद्धि के लिए बताया जाता है।

तीन बजे बड़ा देव शिवरात्रि महोत्सव के अधिष्ठाता राजदेवता माधोराय के मंदिर पहुंचे। यहां पर मेला कमेटी के अध्यक्ष और उपायुक्त अपूर्व देवगन समेत अन्य ने स्वागत कर पूजा-अर्चना की। इसके बाद बड़ा देव कमरूनाग और माधोराय की मिलनी करवाई गई। इसे देखने के लिए बारिश के बीच लोगों की भीड़ उमड़ी रही। इसके बाद देव कमरूनाग देवलुओं संग राजमहल भवानी पैलेस पहुंचे जहां राजा ओमेश्वर सेन और राजपरिवार के सदस्यों ने देव कमरूनाग का स्वागत किया। बड़ा देव के राजदेवता माधोराय से मिलने के बाद करीब पौने चार बजे बारिश रुक गई और फिर से धूप खिल उठी। इस दौरान उनके दर्शन के लिए हजारों की संख्या में लोगों का चौराहों पर तांता लगा रहा। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अपने फोन में बड़ा देव की तस्वीरों को कैद करते नजर आए।

साढ़े तीन बजे बूढ़ा बिंगल देवता भी पहुंचे
मंडी नगर के आराध्य देवता बाबा भूतनाथ का अवतार माने जाने वाले देवता बूढ़ा बिंगल भी ढोल-नगाड़ों और देवलुओं संग दोपहर बाद तीन बजे चौहाटा बाजार पहुंचे। इस दौरान पूरा चौहाटा बाजार देवलुओं से भर गया और वाद्ययंत्रों और ढोल-नगाड़ों की धुनों से गूंज उठा। इसके बाद देवता बूढ़ा बिंगल ने राजदेवता के दरबार में देवलुओं संग हाजिरी भरी और माधोराय से मिले।
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परंपरा निभाने के लिए बच्चों में भी दिखा उत्साह
अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव की परंपरा को निभाने के लिए छोटे बच्चों में भी उत्साह दिखा। जिला मुख्यालय से सात किलोमीटर दूर रुंझ से बूढ़ा बिंगल देवता के साथ पहुंचे देवलुओं और बजंतरियों में छोटे बच्चे भी देखे गए। रुंझ से पहुंचे छठी के छात्र अंशु ने बताया कि उसने पिछले साल रणसिंघा बजाना सीखा था। बेशक रणसिंघा अंशु के बराबर था, लेकिन वह उसे बेहद शानदार तरीके से बजा रहा था।
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