यह वित्तीय सहायता हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और स्वच्छ पेयजल सुविधाओं तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार करेगी। आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह धनराशि राज्य सरकार को एक किस्त में वितरित की जाएगी। राज्य वित्त विभाग को इन निधियों को राज्य के भीतर सामान्य क्षेत्रों और बहिष्कृत क्षेत्रों को आवंटित करने का अधिकार है। आवंटन जनसंख्या के लिए 90% और क्षेत्र के लिए 10% के भार पर आधारित होगा। राज्य वित्त विभाग को केंद्र सरकार से निधि प्राप्त करने के दस कार्य दिवसों के भीतर संबंधित पंचायती राज संस्थाओं को अनुदान सहायता हस्तांतरित करनी होगी। इस अवधि से अधिक देरी होने पर राज्य सरकार को ब्याज सहित अनुदान की किस्तें जारी करनी होंगी।
आदेश में आगे कहा गया है कि बहिष्कृत क्षेत्रों के लिए आवंटित अनुदान को राज्य वित्त विभाग की ओर से संबंधित स्वायत्त जिला परिषदों,पंचायत समितियों व ग्राम सभाओं को नामित प्रशासनिक विभागों और नोडल विभागों के माध्यम से सीधे हस्तांतरित किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से यह वित्तीय सहायता हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और जलापूर्ति के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक स्वागतयोग्य कदम है। यह अनुमान लगाया गया है कि यह फंड इन क्षेत्रों में निवासियों के लिए बेहतर सार्वजनिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवत्ता में योगदान देंगे।