देश को स्वतंत्र करवाने में योगदान देने वाले भटियात हलके के खलाला निवासी उधोराम की विधवा बलीतू देवी को 38 माह से पेंशन नहीं मिली है। पेंशन संबंधी दस्तावेज सैनिक कल्याण बोर्ड और संबंधित बैंक शाखा में जमा करवाने के बाद भी पेंशन न मिलने से वे परेशान हैं।
स्वतंत्रता सेनानी की 107 वर्षीय विधवा को पहले पेंशन समय पर मिल जाती थी, लेकिन 38 माह से पेंशन नहीं मिल रही है। विधवा और उनके परिजन पेंशन के लिए कभी सैनिक कल्याण बोर्ड तो कभी बैंक शाखा के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
भटियात के खलाला निवासी उधो राम 13 नवंबर, 1929 को आईएनए (भारतीय राष्ट्रीय सेना) से जुड़े थे। वे 15 फरवरी, 1942 से 7 सितंबर, 1947 तक युद्धबंदी भी रहे।
आजादी में योगदान देने वाले वीरों के परिजनों को सरकार से पेंशन स्वरूप कुछ धनराशि मुहैया करवाई जाती है, लेकिन इसके लिए बलीतू देवी 38 माह से भटकने को मजबूर हैं।
बलीतू देवी के मुताबिक पहले उन्हें एसबीआई की समोट शाखा में पेंशन मिलती थी। बैंक के कर्मचारियों ने उन्हें पीएनबी रायपुर में खाता खुलवाने तथा वहीं पेंशन मिलने की बात कही।