फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sirmour Himachal: आजादी के 75 साल बाद गांव में सड़क पहुंची तो छलक पड़े आंसू, नाचकर मनाया जश्न

Tue, 31 May 2022 09:49 AM IST
Krishan Singh सुरेश तोमर, संवाद न्यूज एजेंसी, पांवटा साहिब (सिरमौर)

सार

खुईनल गांव में आजादी के 75 साल बाद सड़क पहुंची तो ग्रामीणों की आंखों से आंसू छलक आए। ग्रामीणों ने नाचकर जश्न मनाया। पहली बार बुजुर्गों ने अपने गांव में सड़क देखी। 
विज्ञापन
गांव में सड़क बनने पर नाचकर मनाया जश्न। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के गिरिपार की बोहल बल्दवा खुईनल पंचायत के खुईनल गांव में आजादी के 75 साल बाद सड़क पहुंची तो ग्रामीणों की आंखों से आंसू छलक आए। ग्रामीणों ने नाचकर जश्न मनाया। पहली बार बुजुर्गों ने अपने गांव में सड़क देखी। सालों से सड़क सुविधा के अभाव में ग्रामीण मरीजों को तीन किलोमीटर पैदल कंधे पर सड़क तक पहुंचाते थे। सोमवार को जेसीबी बनाणा होते हुए खुईनल गांव पहुंची तो बुजुर्गों और स्थानीय लोगों ने चालक कोफूलों से लाद दिया। खुईनल गांव में 16 घर थे। चार घरों के पलायन करने पर यहां ताले लगे हैं। गांव की आबादी करीब 175 है। गांव के तोता राम शर्मा (71) और धर्म सिंह शर्मा (70) ने बताया कि गांव तक सड़क न पहुंचने के कारण कई परिवार पलायन करने लगे थे।

विज्ञापन


सालों से सड़क निर्माण की मांग सिरे नहीं चढ़ रही थी। आजादी के इतने साल बाद सोमवार को गांव तक सड़क पहुंचने से आंखों का सपना पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि जिला परिषद सुमिता चौहान के सहयोग से ग्रामीणों का कई दशकों का यह सपना साकार हुआ है। सड़क बनाते हुए जैसे ही मशीन गांव पहुंची तो स्थानीय महिलाओं, बुजुर्गों और युवक-युवतियों ने इसके ड्राइवर और उपप्रधान राकेश शर्मा को फूल मालाओं से लाद दिया। इस दौरान रासा नृत्य के साथ गर्मजोशी से स्वागत एवं अभिनंदन कियागया। पंचायत प्रधान नरेश तोमर, उपप्रधान राकेश शर्मा ने बताया कि पिछले कई दशकों से सड़क से वंचित रहे इस गांव ने कई दुख दर्द झेले हैं। अमर उजाला के माध्यम से भी सड़क का मुद्दा उठाया गया था। कई ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के अभाव में पलायन भी कर चुके हैं। अब सड़क सुविधा से पलायन रुक जाएगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें