इस घटना के बाद घुमारवीं बस बस अड्डा में सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। परिवहन निगम के कर्मचारियों का कहना है कि यहां ऐसी घटनाएं लगातार होती रहती हैं। विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज की छुट्टी के समय भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था हो जाती है। बताया कि बसों में प्रेमी जोड़ों का आपत्तिजनक अवस्था में पाया जाना और स्कूली छात्राओं के साथ छेड़छाड़ जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। जब कर्मचारी इन्हें रोकने का प्रयास करते हैं, तो उनके साथ झगड़ा किया जाता है।
स्थानीय दुकानदारों और परिवहन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था की कमी के कारण महिलाएं, छात्र-छात्राएं और यात्री असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कई बार पुलिस प्रशासन को इस बारे में अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अड्डा प्रभारी जयपाल ने बताया कि हर दिन ऐसी घटनाएं हो रही हैं। जब परिवहन विभाग का कोई कर्मचारी हालात संभालने जाता है, तो उनके साथ भी मारपीट की जाती है। उन्होंने कहा कि कई बार पुलिस से बस अड्डा पर पुलिसकर्मी की तैनाती की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
यही कारण है कि परिवहन कर्मचारी, यात्री और खासतौर पर महिलाएं व छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। अड्डा के आसपास के व्यापारियों ने भी पुलिस की नियमित गश्त की मांग का समर्थन किया है। कहा कि पुलिस की उपस्थिति से बस स्टैंड का माहौल सुरक्षित बनेगा और यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी। परिवहन कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बस अड्डा पर नियमित रूप से पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए, जिससे किसी भी तरह की अव्यवस्था या झगड़े जैसी घटनाओं पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।