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Himachal: तनख्वाह रोकी तो सूचना आयोग पहुंच गया शिक्षक, जानें पूरा मामला

Mon, 13 Jan 2025 11:48 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

राज्य सूचना आयोग ने एक मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने स्कूल को आदेश दिए कि वह आरटीआई आवेदन के कुछ बिंदुओं पर एक सप्ताह के भीतर जानकारी दे।
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हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के राज्य सूचना आयोग ने एक मामले में दोनों पक्षों को सुनने के बाद आयोग ने स्कूल को आदेश दिए कि वह आरटीआई आवेदन के कुछ बिंदुओं पर एक सप्ताह के भीतर जानकारी दे। एक शिक्षक का वेतन रोका गया तो उसने पहले संबंधित अधिकारी से इसकी जानकारी मांगी। फिर उपनिदेशक के पास अपील की और यहां भी सूचना नहीं मिली तो वह आयोग पहुंच गया। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त आरडी धीमान ने इस मामले की सुनवाई की। आयोग ने कहा कि शिक्षक को स्कूल के पास मौजूद रिकॉर्ड तक पहुंचने की अनुमति दी जाए, जो उसके अनुरोधों के लिए प्रासंगिक है। वहीं, प्रतिवादी ने आयोग को स्पष्ट किया कि आरटीआई अधिनियम का उपयोग स्कूल प्रशासन पर दबाव बनाने के लिए नहीं किया जा सकता है और वेतन या रोजगार से संबंधित शिकायतों को उचित चैनलों के माध्यम से संबोधित करना चाहिए।  

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राज्य सूचना आयोग ने एक शिक्षक की ओर से अपने स्कूल के खिलाफ दायर आरटीआई अपील का निपटारा किया। शिक्षक ने बिलासपुर जिले के एक सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल से विभिन्न मामलों पर जानकारी मांगी थी। स्कूल ने शुरू में कुछ जानकारी दी थी, लेकिन कुछ अनुरोधों के लिए अतिरिक्त शुल्क की मांग की थी और अन्य के लिए छूट का हवाला दिया था, जिसमें व्यक्तिगत जानकारी और आरटीआई अधिनियम के लिए अप्रासंगिक मानी जाने वाली जानकारी शामिल बताई गई। शिक्षक ने आयोग से अपील की, जिसमें तर्क दिया गया कि अनुरोध वैध थे और स्कूल ने उसकी चिंताओं को ठीक से संबोधित नहीं किया।

कुएं के बारे में मांगी जानकारी, अपील बंद
 हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग ने मंडी जिले के सरकाघाट में भूमि विवाद के संबंध में सीता राम की ओर से दायर अपील को खारिज कर दिया। अपीलकर्ता ने अपनी संपत्ति से सटी भूमि पर बने कुएं के बारे में जन सूचना अधिकारी ने जवाब देते हुए कहा कि कुआं ग्राम पंचायत की ओर से ग्रामीणों की सहमति से बनाया गया था और अपीलकर्ता और अन्य भूस्वामियों के बीच भूमि विवाद चल रहा था। अपीलकर्ता की ओर से प्रथम अपीलीय प्राधिकरण में की गई पहली अपील को भी खारिज कर दिया गया। राज्य सूचना आयुक्त डॉ. एसएस गुलेरिया ने आदेश में भूमि विवाद को स्वीकार किया और अपीलकर्ता को राजस्व एजेंसियों की ओर से उचित भूमि सीमांकन के माध्यम से इस मुद्दे को हल करने की सलाह दी। आयोग ने जनसूचना अधिकारी की ओर से दी जानकारी को पर्याप्त माना और अपील को बंद कर दिया।
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राज्य सूचना आयोग ने पंचायत को सड़क निर्माण की जानकारी देने का आदेश दिया
 हिमाचल प्रदेश के राज्य सूचना आयोग ने मंडी जिले के भरोल के पंचायत सचिव को पथ मोड़ नाली से शमशान घाट तक सड़क निर्माण की जानकारी 15 दिनों के भीतर उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। यह आदेश राज्य सूचना आयुक्त डॉ. एसएस गुलेरिया ने जारी किया है। यह आदेश बुद्धि सिंह की ओर से दायर अपील के जवाब में आया है, जिन्होंने आरटीआई आवेदन के माध्यम से परियोजना के बजट, व्यय और अन्य विवरणों की जानकारी मांगी थी। पंचायत सचिव निर्धारित समय के भीतर जानकारी उपलब्ध कराने में विफल रहे, जिसके कारण बुद्धि सिंह ने आयोग के समक्ष द्वितीय अपील दायर की। आयोग ने मामले की सुनवाई के बाद पंचायत सचिव को नोटिस की अवहेलना करने के लिए कड़ी चेतावनी जारी की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आदेश का पालन न करने पर आरटीआई अधिनियम के तहत स्वतः संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की जाएगी। 
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