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हिमाचल में कब है होली: किस दिन होगा होलिका दहन? पंडित ने बताई सही तारीख, मुहूर्त और भद्रा का समय; जानें

Thu, 26 Feb 2026 12:33 PM IST
Ankesh Dogra दीक्षा सरोय, शिमला।

सार

Holi 2026: होली हिंदू धर्म का एक प्रमुख और बहुत लोकप्रिय त्योहार है, जिसे रंगों का त्योहार, प्रेम का त्योहार और वसंत का उत्सव भी कहा जाता है। यह फाल्गुन मास की पूर्णिमा (फाल्गुन पूर्णिमा) को मनाया जाता है, जो आमतौर पर मार्च महीने में पड़ता है। हिमाचल में होली काफी धूमधाम से मनाई जाती है। इस बार मनाई जा रही है होली जानें सबकुछ विस्तार से...
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शिमला के लोअर बाजार में होली के लिए खरीदारी करते लोग। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश में होली में मुख्य रूप से 4 मार्च 2026 (बुधवार) को रंगों वाली होली (धुलंडी या रंग वाली होली) मनाई जा रही है। हर वर्ष पूरे उत्साह और खुशियों के रंगों के साथ मनाया जाने वाला होली का त्योहार इस वर्ष शिमला शहर में 4 मार्च को मनाया जाएगा। वहीं 2 मार्च को प्रदोष काल में होलिका दहन का शुभमुहूर्त है। इस वर्ष होली महोत्सव 2 मार्च को शुरू होगा। गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर के पंडित उमेश नौटियाल ने बताया कि लोगों में होलिका दहन को लेकर असमंजस है कि दहन 2 को होगा या 3 मार्च को। देश में कई जगहों पर लोग तीन मार्च को होलिका दहन कर रहे हैं लेकिन होलिका दहन हमेशा पूर्णिमा के प्रदोषकाल में होने निशिथकाल में होने पर करना शुभ होता है।

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3 मार्च को पूरे भारत में चंद्रग्रहण है और 5:07 बजे पूर्णिमा तिथि भी समाप्त हो रही है। ऐसे में प्रतिपदा के समय होलिका दहन करना शुभ नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इसलिए 2 मार्च को प्रदोष काल यानी 6:22 बजे से रात 8:53 बजे तक होलिका दहन करना शुभ रहेगा। इसके साथ ही भद्रा 2 मार्च को शाम 5:56 से 3 मार्च सुबह 5:32 बजे तक रहेगी। ऐसे में अगर किसी के मन में संशय है तो वह 3 मार्च को सुबह 5:32 बजे यानी सूर्योदय के बाद भी होलिका दहन कर सकते हैं। इसके बाद 4 मार्च को लोग रंगों का त्योहार धूमधाम से मना सकते हैं। शहर के गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर और राम बाजार स्थित राम मंदिर में होलिका दहन 2 मार्च की शाम को किया जाएगा। हर वर्ष इन दोनों मंदिरों में होलिका दहन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शिमला के लोअर बाजार में होली उत्सव को लेकर पिचकारी और रंगों से सजा बाजार। 
 
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शिमला में खास तैयारियां, सजे उत्पाद
वहीं, राजधानी शिमला के बाजारों में इन दिनों होली की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है। इससे शहर में कारोबार भी रफ्तार पकड़ने लगा है। शहर के लोअर बाजार में बैट बाल वाली पिचकारियां और वॉटर टैंक जिनमें कार्टून प्रिंट हैं बच्चों को खूब पसंद आ रहे हैं। दुकानदारों ने भी इस साल की होली के लिए रंग और अन्य सामान मंगवा लिया है। होली का त्योहार के लिए शहर के लोअर बाजार सहित उप नगरों के बाजारों की दुकानों में होली के रंग आ गए हैं। लोअर बाजार में विभिन्न प्रकार की पिचकारियां 20 से 1300 रुपये तक और वाटर टैंक 200 से 800 रुपये तक बिक रहे हैं। इसके साथ ही बाजार में बैट बाल वाली पिचकारियां, बार्बी डॉल प्रिंट वाली, प्रेशर गन वाली, छोटा भीम, शिनचैन प्रिंट वाली पिचकारियां बच्चों को आकर्षित कर रही हैं। बाजार में खरीदारी कर रही सरला शर्मा ने बताया कि उनके बच्चे बैट बाल वाली पिचकारी और वॉटर टैंक लेने की जिद कर रहे हैं। शास्वत ने बताया कि उनकी बेटी 4 साल की है जो बार्बी डॉल प्रिंट वाली पिचकारी देखकर आकर्षित हो रही है। रामचंद्र रेवा नंद दुकान के कर्मचारी ने बताया कि होली के लिए रंगों का स्टॉक मंगवा लिया है। लोग पिचकारियों और रंगों की खरीदारी कर रहे हैं। 
 
उत्पाद दाम
पिचकारियां 20 से 1500 रुपये तक
वाटर टैंक 200 से 800 रुपये तक
हर्बल रंग 20 से 50  रुपये तक
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