3 मार्च को पूरे भारत में चंद्रग्रहण है और 5:07 बजे पूर्णिमा तिथि भी समाप्त हो रही है। ऐसे में प्रतिपदा के समय होलिका दहन करना शुभ नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इसलिए 2 मार्च को प्रदोष काल यानी 6:22 बजे से रात 8:53 बजे तक होलिका दहन करना शुभ रहेगा। इसके साथ ही भद्रा 2 मार्च को शाम 5:56 से 3 मार्च सुबह 5:32 बजे तक रहेगी। ऐसे में अगर किसी के मन में संशय है तो वह 3 मार्च को सुबह 5:32 बजे यानी सूर्योदय के बाद भी होलिका दहन कर सकते हैं। इसके बाद 4 मार्च को लोग रंगों का त्योहार धूमधाम से मना सकते हैं। शहर के गंज बाजार के राधा-कृष्ण मंदिर और राम बाजार स्थित राम मंदिर में होलिका दहन 2 मार्च की शाम को किया जाएगा। हर वर्ष इन दोनों मंदिरों में होलिका दहन के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शिमला के लोअर बाजार में होली उत्सव को लेकर पिचकारी और रंगों से सजा बाजार।
शिमला में खास तैयारियां, सजे उत्पाद
वहीं, राजधानी शिमला के बाजारों में इन दिनों होली की खरीदारी के लिए भीड़ उमड़ना शुरू हो गई है। इससे शहर में कारोबार भी रफ्तार पकड़ने लगा है। शहर के लोअर बाजार में बैट बाल वाली पिचकारियां और वॉटर टैंक जिनमें कार्टून प्रिंट हैं बच्चों को खूब पसंद आ रहे हैं। दुकानदारों ने भी इस साल की होली के लिए रंग और अन्य सामान मंगवा लिया है। होली का त्योहार के लिए शहर के लोअर बाजार सहित उप नगरों के बाजारों की दुकानों में होली के रंग आ गए हैं। लोअर बाजार में विभिन्न प्रकार की पिचकारियां 20 से 1300 रुपये तक और वाटर टैंक 200 से 800 रुपये तक बिक रहे हैं। इसके साथ ही बाजार में बैट बाल वाली पिचकारियां, बार्बी डॉल प्रिंट वाली, प्रेशर गन वाली, छोटा भीम, शिनचैन प्रिंट वाली पिचकारियां बच्चों को आकर्षित कर रही हैं। बाजार में खरीदारी कर रही सरला शर्मा ने बताया कि उनके बच्चे बैट बाल वाली पिचकारी और वॉटर टैंक लेने की जिद कर रहे हैं। शास्वत ने बताया कि उनकी बेटी 4 साल की है जो बार्बी डॉल प्रिंट वाली पिचकारी देखकर आकर्षित हो रही है। रामचंद्र रेवा नंद दुकान के कर्मचारी ने बताया कि होली के लिए रंगों का स्टॉक मंगवा लिया है। लोग पिचकारियों और रंगों की खरीदारी कर रहे हैं।
| उत्पाद |
दाम |
| पिचकारियां |
20 से 1500 रुपये तक |
| वाटर टैंक |
200 से 800 रुपये तक |
| हर्बल रंग |
20 से 50 रुपये तक |